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सोने की कीमतों में तेजी के बीच क्या करें ग्राहक? ICRA ने दी सलाह

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रेटिंग एजेंसी ICRA के एक नोट में कहा गया है कि उच्च कीमतों के कारण 2024-25 में घरेलू आभूषण खपत (domestic jewellery consumption), मूल्य के हिसाब से, 6-8 प्रतिशत तक सीमित रह सकत

Last Updated- June 18, 2024 | 2:58 PM IST
Gold Silver Price Today
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भारत में हाल के महीनों में सोने की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं। मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत 72,480 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। जबकि इसी साल 1 जनवरी को सोना 63,970 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर था।

वित्त वर्ष 2024 में सोने की कीमतें करीब 14 फीसदी बढ़ीं। सोने की कीमतें अब पिछले वित्त वर्ष यानी 2023-24 के औसत से लगभग 19 प्रतिशत अधिक हैं।

क्या सोने की बढ़ती कीमतें ग्राहकों को सोने के आभूषण खरीदने से रोकेंगी?

ICRA ने दी चेतावनी

रेटिंग एजेंसी ICRA के एक नोट में कहा गया है कि उच्च कीमतों के कारण 2024-25 में घरेलू स्तर पर आभूषण की खपत (domestic jewellery consumption), मूल्य के हिसाब से, 6-8 प्रतिशत तक सीमित रह सकती है, जो 2023-24 के मुकाबले बेहद कम है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान आभूषण की खपत 18 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला था।

सोने के आभूषणों की बिक्री (बिक्री वोल्यूम) इस साल घटने की संभावना है, जो वित्त वर्ष 23 में 2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 24 में 4 प्रतिशत थी।

ICRA ने कहा, “उपभोक्ताओं से उम्मीद है कि वे कीमतों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और दो या तीन तिमाहियों में नई कीमतों के स्तर के साथ तालमेल बिठाएंगे।”

यह भी पढ़ें: UAE से 2023-24 में सोना, चांदी का आयात 210 प्रतिशत बढ़ा; FTA में शुल्क संशोधन की जरूरत: GTRI

ICRA के वाइस प्रेसीडेंट और सेक्टर हेड सुजॉय साहा ने कहा कि 15 बड़े ज्वैलर्स, जिनकी मार्केट में हिस्सेदारी लगभग 75 फीसदी है, की रेवेन्यू ग्रोथ वित्त वर्ष 25 में मिड टू हाई सिंगल डिजिट यानी 5 से 9 फीसदी तक सीमित रह सकती है। इन ज्वैलर्स ने वित्त वर्ष 24 में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की थी।

साहा के अनुसार, मजबूत स्टोर विस्तार योजनाओं और संरचनात्मक सहायक प्रभावों के बावजूद, यह सुस्त उपभोक्ता भावनाओं और उच्च सोने की कीमतों के कारण होगा।

खोले जाएंगे नए स्टोर

ICRA ने यह भी कहा कि 15 कंपनियों की स्टोर संख्या वित्त वर्ष 23 में 20 प्रतिशत बढ़ोतरी के बाद वित्त वर्ष 24 में 21 प्रतिशत बढ़ी। यह इसलिए हुआ क्योंकि बड़े खुदरा विक्रेताओं ने पिछले कुछ वर्षों में आक्रामक रूप से स्टोर जोड़ने का प्रयास किया ताकि ग्राहक की ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स की ओर बदलती प्राथमिकताओं के साथ बाजार हिस्सेदारी हासिल की जा सके। इस साल भी स्टोर की संख्या में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

 

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First Published - June 18, 2024 | 2:58 PM IST

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