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ईरान युद्ध का असर: भारत का ₹40,000 करोड़ का मेवा आयात कारोबार दबाव में, कीमतों में उछाल

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भारत के 60 से 65 हजार करोड़ रुपये के सालाना मेवा कारोबार में आयात का हिस्सा 40 हजार करोड़ से ज्यादा

Last Updated- March 03, 2026 | 5:17 PM IST
Dry Fruits
वैश्विक तनाव ने भारत के मेवा कारोबार को संकट में डाल दिया है।

West Asia conflict-Dry fruit trade: पश्चिम एशिया संकट का असर भारत में मेवा कारोबार पर भी देखने को मिल रहा है। मेवा कारोबारियों का कहना है कि इस संकट के कारण मेवों की कीमतों में इजाफा हुआ। भारत मेवों के आयात पर काफी निर्भर है और ये मेवे न केवल ईरान से आते हैं, बल्कि अफगानिस्तान, सउदी अरब, यूएई, इराक आदि संकट प्रभावित देशों से आते हैं। संकट के कारण इन मेवों का आयात प्रभावित होने का खटका है और संकट के दौरान मेवों के ऑर्डर अटकने लगे हैं।

₹40 हजार करोड़ से ज्यादा का मेवा आयात कारोबार

वैश्विक तनाव ने भारत के मेवा कारोबार को संकट में डाल दिया है। नट ऐंड ड्राई फ्रूट काउंसिल (एनडीएफसी) इंडिया के संस्थापक सदस्य रवि मेहता ने बिजनेस स्टैडर्ड को बताया कि ईरान संकट के पहले चरण में भी मेवा कारोबार प्रभावित हुआ था। लेकिन इस बार संकट उससे भी बढ़ा है क्योंकि पहले सिर्फ ईरान से मेवा आयात में दिक्कत थी। लेकिन इस बार तो अफगान, सऊदी अरब, इराक, यूएई से भी मेवा के आयात पर मार पड़ सकती है क्योंकि ये देश भी युद्ध की मार झेल रहे हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध के हालात के कारण मेवों के ऑर्डर अटक गए हैं और कारोबारी नये ऑर्डर देने और लेने से कतरा रहे हैं।

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देश में मेवों की सबसे बड़ी मंडी माने जाने वाली खारी बावली के मेवा कारोबारी ऋषि मंगला ने कहा कि अगर युद्ध लंबा खिंचा को मेवा की आपूर्ति श्रृंखला टूट सकती है। मेहता कहते हैं कि देश में मेवों का सालाना कारोबार 60 से 65 हजार करोड़ रुपये का है। इसमें 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक आयात का हिस्सा है। पिस्ता, खजूर, अंजीर, केसर, किशमिश, मामरा बादाम, छुआरा जैसे मेवों के मामले में भारत इरान, इराक, अफगानिस्तान और यूएई पर पूरी तरह निर्भर है। बाकी बादाम में अमेरिका पर निर्भर है।

पश्चिम एशिया संकट से मेवे हुए महंगे

ईरान पर अमेरिका और इजराइल द्वारा हमला करने के बाद भारत में मेवों की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। मेहता ने कहा कि बीते 4-5 दिन में मेवों की कीमतों में इजाफा हुआ है। ईरानी पिस्ता के दाम 200 रुपये बढ़कर 2,100 से 2,200 रुपये, खजूर के दाम गुणवत्ता के हिसाब से 20 से 100 रुपये बढ़कर 150 से 1,500 रुपये किलो हो गए हैं। अंजीर की कीमतों में 80 से 100 रुपये किलो और केसर में 10 रुपये प्रति ग्राम बढ़ोतरी हुई है। अंजीर 1,000 रुपये से 2,000 रुपये किलो तक बिक रही है। आयातित केसर के दाम 200 से 250 रुपये प्रति ग्राम हैं। ईरान संकट से पहले 3,500 से 4,000 रुपये बिकने वाला मामरा बादाम 4,000 से 4,500 रुपये किलो बिक रहा है।

मेवा कारोबारी मंगला ने बताया कि पहले भी युद्ध के कारण मेवों के दाम बढ़े थे और अब इनकी कीमतों में और इजाफा हुआ है। सबसे बड़ी बात ये है कि जिनके पास स्टॉक है, वे अभी नये भाव नहीं खोल रहे हैं क्योंकि उनको लगता है कि युद्ध लंबा खिंचने पर मेवों की किल्लत हो सकती है। मेवा कारोबारियों का कहना है कि ऐसे में वे आगे ऊंचे दाम पर मेवा बेचने की तैयारी में हैं।

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First Published - March 3, 2026 | 5:17 PM IST

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