facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Kharif crop sowing 2023: मॉनसून में देरी से खरीफ फसलों की बोआई पर असर

Advertisement

वैज्ञानिकों का दावा है कि परियोजना के कारण देश भर में अरहर की पैदावार 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

Last Updated- June 23, 2023 | 11:26 PM IST
crops

दक्षिण-पश्चिमी मॉनसून की धीमी रफ्तार से खरीफ फसलों की बोआई पर प्रतिकूल असर देखने को मिल रहा है। 23 जून को समाप्त सप्ताह में उड़द, अरहर, सोयाबीन और चावल के रकबे में गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि, व्यापारियों और बाजार के सूत्रों का कहना है कि जब तक बोआई सही समय है तब तक किसी भी तरह की देरी का पैदावार पर प्रभाव पड़ने की आशंका नहीं है।

जुलाई और अगस्त में होने वाली बारिश फसलों के लिए वरदान साबित होगी और समय पर अच्छी और अधिक बारिश होना भी काफी मायने रखेगा।

भारतीय मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने इसको लेकर उम्मीद जगाई है। मौसम विभाग ने अपने 23 जून के पूर्वानुमान में कहा है कि अगले दो दिनों के दौरान छत्तीसगढ़ के कुछ अन्य इलाकों, बिहार और झारखंड के बचे इलाकों, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं।

विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ और हिस्सों में भी दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अच्छी हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि अगले पांच दिनों में पूर्वी मध्य और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ इलाकों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

केंद्र के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम) के साथ इंटरनैशनल क्रॉप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर द सेमी एरिड ट्रॉपिक्स के वैज्ञानिक अरहर की पैदावार बढ़ाने के लिए देश भर में एक महत्त्वपूर्ण योजना योजना बना रहे हैं।

वैज्ञानिकों का दावा है कि परियोजना के कारण देश भर में अरहर की पैदावार 30 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

Advertisement
First Published - June 23, 2023 | 11:26 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement