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Kharif Sowing 2023: खरीफ फसलों की बोआई सुधरी, पर पिछले साल से कम

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पिछले सप्ताह तक खरीफ फसलों का रकबा करीब 9 फीसदी घटा था, जबकि इस सप्ताह तक इन फसलों की बोआई में 4.3 फीसदी ही गिरावट आई है।

Last Updated- July 14, 2023 | 4:03 PM IST
Kharif Sowing

Kharif Sowing 2023: इस साल मानसून में देरी के कारण खरीफ फसलों की बोआई की शुरुआत काफी सुस्त हुई थी। लेकिन अब बारिश होने के बाद खरीफ फसलों की बोआई में सुधार हुआ है। पिछले सप्ताह तक खरीफ फसलों का रकबा करीब 9 फीसदी घटा था, जबकि इस सप्ताह तक इन फसलों की बोआई में 4.3 फीसदी ही गिरावट आई है। हालांकि इस सप्ताह खरीफ फसलों की बोआई सुधरने के बावजूद यह पिछले साल से कम है। इस सप्ताह तक खरीफ फसलों की बोआई में मोटे अनाज व गन्ने की बोआई छोड़कर बाकी दलहन, तिलहन व धान का रकबा घटा है।

धान का रकबा 9.8 फीसदी घटा, खरीफ फसलों की कुल बोआई 4.3 फीसदी कम

कृषि व किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक देश में 14 जुलाई तक 536 लाख हेक्टेयर भूमि में खरीफ फसलों की बोआई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि की बोआई 560 लाख हेक्टेयर से 4.3 फीसदी कम है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों में धान का रकबा 9.8 फीसदी गिरकर 103.22 लाख हेक्टेयर और कपास का 5 फीसदी घटकर 95.3 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया, जबकि गन्ने का रकबा 4.7 फीसदी बढ़कर 55.81 लाख हेक्टेयर रहा।

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तिलहन फसलों का रकबा 10.4 फीसदी घटा

तिलहन फसलों की बोआई सुस्त चल रही है। 14 जुलाई तक 113.75 लाख हेक्टेयर में तिलहन फसलों की बोआई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि की 126.91 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से 10.4 फीसदी कम है। खरीफ सीजन की प्रमुख तिलहन फसल सोयाबीन का रकबा 14.8 फीसदी घटकर 79.71 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया। हालांकि मूंगफली का रकबा 1.4 फीसदी बढ़कर 28.72 लाख हेक्टेयर रहा।

दलहन फसलों की बोआई भी सुस्त

दलहन फसलों की बोआई भी सुस्त चल रही है। इस सप्ताह तक 56.67 लाख हेक्टेयर में दलहन फसलें बोई जा चुकी हैं। जो पिछले साल की समान अवधि में 67.59 लाख हेक्टेयर में बोई गईं दलहन फसलों से 16.2 फीसदी कम है। अरहर की बोआई 42.5 फीसदी घटकर 14.11 लाख हेक्टेयर, उड़द की 15 फीसदी घटकर 13.42 लाख हेक्टेयर रही। लेकिन मूंग का रकबा 5.8 फीसदी बढ़कर 21.23 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया।

मोटे अनाजों का रकबा 16 फीसदी बढ़ा

चालू खरीफ सीजन में अब तक 104.99 लाख हेक्टेयर में मोटे अनाज की बोआई हो चुकी है, जो पिछली समान अवधि में 90.57 लाख हेक्टेयर में हुई बोआई से करीब 16 फीसदी अधिक है। मोटे अनाजों के रकबा में वृद्धि की वजह बाजरा की बोआई करीब 45 फीसदी बढ़ना है। अब तक 50 लाख हेक्टेयर में बाजरा बोया जा चुका है, जबकि पिछली समान अवधि में यह आंकड़ा 34.36 लाख हेक्टेयर था। ज्वार का रकबा 26.7 फीसदी बढ़कर 8.64 लाख हेक्टेयर हो गया। मक्के की बोआई 5.6 फीसदी, रागी की 3.3 फीसदी और छोटे मिलेटस की 26.6 फीसदी घटी।

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First Published - July 14, 2023 | 4:03 PM IST

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