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Petroleum Sector: एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन की भागीदारी सुस्त, नरम गैर कर राजस्व की उम्मीद

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Interim Budget में पेट्रोलियम मद में वित्त वर्ष 25 के लिए गैर कर राजस्व (non-tax revenue) का बजट अनुमान 15,933 करोड़ रुपये रखा गया है।

Last Updated- February 04, 2024 | 9:55 PM IST
'पेट्रोलियम राष्ट्रीय संपत्ति', तेल क्षेत्र (नियमन एवं विकास) संशोधन विधेयक 2024 पर संसद में बोली सरकार 'Petroleum is national asset', government said in Parliament on Oil Sector (Regulation and Development) Amendment Bill 2024

पेट्रोलियम क्षेत्र के उत्खनन और उत्पादन (exploration and production) की भागीदारी सुस्त रही है। इसलिए सरकार ने वित्त वर्ष 25 (2024-25) के लिए इस क्षेत्र के राजस्व संग्रह के अनुमानों को नरम रखा है। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

हालिया बजट में पेट्रोलियम मद में वित्त वर्ष 25 के लिए गैर कर राजस्व (non-tax revenue) का बजट अनुमान 15,933 करोड़ रुपये रखा गया है। यह वित्त वर्ष 24 के बजट अनुमान 14,922 करोड़ रुपये से 1,011 करोड़ रुपये अधिक है।

हालांकि नवीनतम आंकड़ों में गिरावट का रुझान मिलता है। सरकार ने वित्त वर्ष 24 के शुरुआत में जितनी उम्मीद की थी, उसकी तुलना में वित्त वर्ष 25 में 38 प्रतिशत कम आकलन किया गया है।

वित्त वर्ष 24 के शुरुआती अनुमान में 24,185 करोड़ रुपये सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि यह वित्त वर्ष 23 के 19875 करोड़ रुपये की तुलना में वित्त वर्ष 25 में 19.4 प्रतिशत कम है।

वित्त वर्ष 22 के संग्रहित 20,063 करोड़ रुपये की तुलना में 20.4 प्रतिशत कम था। सरकार ने तेल व गैस के उत्खनन के अधिकारों की लाइसेंस फीस से लेकर अपतटीय कच्चे तेल व गैस उत्पादन की रॉयल्टी को प्राप्तियों में सूचीबद्ध किया है।

हालांकि विदेशी तेल उत्पादकों की हिस्सेदारी ‘ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी’ (ओएएलपी) की नीलामी प्रक्रिया में हासिल करना मुश्किल रहा है। ओएएलपी के तहत आठ दौर की नीलामी हो चुकी है और ब्लॉक दिए गए।

अधिकारी ने बताया, ‘सरकार नियमित रूप से विदेशी कंपनियों को शामिल कर रही है और इस क्रम में उत्खनन प्रक्रिया को लचीला व आसान बनाया जा रहा है। वैश्विक समाधान विवाद तंत्र को मंजूरी दी गई और ‘प्ले बेस्ड’ उत्खनन को मंजूरी दी गई है। हालांकि उत्खनन और उत्पादन के मामले में साझेदारी (विदेशी कंपनिययों की) सुस्त रही हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार के संभावित राजस्व अप्रत्याशित की गणना करते समय इसे ध्यान में रखा गया है। भारत के तलछटी बेसिन का भौगोलिक आंकड़ा आसानी से देखने के लिए अमेरिका के टैक्सस की ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी में डेटा सेंटर खोला गया है। इस सेंटर में विदेशी कंपनियां आसानी से आंकड़ों को देख सकती हैं। कई विदेशी कंपनियों जैसे एक्सॉनमोबिल, शेल, टोटाल एनर्जीज, ईएनआई, शेवरॉन, पोस्को, जैपेक्स, मर्फी ऑयल और ईओजी ने इस डेटा रूम का दौरा किया है।

नीलामी के छोटे दौर

नीलामी के हालिया दौर ओएएलपी 11 का दौर छोटा व अनुमान से पहले होने के कारण वित्त वर्ष 25 का राजस्व संग्रह प्रभावित हुआ था।

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First Published - February 4, 2024 | 9:55 PM IST

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