facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अगले महीने से कम हो जाएंगे सब्जियों के दाम लेकिन कच्चे तेल की कीमत को लेकर चिंता बरकरार

Advertisement

वित्त मंत्रालय ने कहा कि कच्चे तेल के बढ़ते भाव को लेकर थोड़ी चिंता है, हालांकि यह अभी भी 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है

Last Updated- August 20, 2023 | 1:45 PM IST
Spending on vegetables increased by 84 percent in big cities

सरकार को उम्मीद है कि बाजार में नयी फसलों के आने के साथ अगले महीने से सब्जियों की कीमतें कम होने लगेंगी।

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि कच्चे तेल के बढ़ते भाव को लेकर थोड़ी चिंता है, हालांकि यह अभी भी 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे है।

अधिकारी ने आगे कहा कि उत्पाद शुल्क में कटौती की योजना नहीं है। सरकार बुनियादी ढांचे में निवेश बढ़ा रही है, और निजी क्षेत्र के पूंजी निवेश में अभी तेजी आना बाकी है।

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र का पूंजीगत व्यय सितंबर के अंत तक बजट अनुमान का 50 प्रतिशत तक हो जाएगा। यह आंकड़ा जून तिमाही के अंत में 28 प्रतिशत था।

सरकार ने 2023-24 के बजट में पूंजीगत व्यय को 33 प्रतिशत बढ़ाकर 10 लाख करोड़ रुपये कर दिया था।

अधिकारी ने आगे कहा कि छह फीसदी बारिश की कमी से खरीफ की बुआई पर असर पड़ने की आशंका नहीं है, क्योंकि कृषि क्षेत्र काफी लचीला है।

उन्होंने कहा कि सरकार मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रही है, जिसमें गेहूं और चावल के भंडार को जारी करना, चावल, चीनी के निर्यात पर प्रतिबंध लगाना और दालों तथा तिलहनों के आयात की अनुमति देना शामिल है।

अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ”कीमतों को नीचे रखने के लिए लचीली व्यापार नीति अपनाई गई है। हमें याद रखना चाहिए कि यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य कीमतें बहुत अधिक हैं और खाद्यान्न की आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह एक वैश्विक कारक है, जिससे भारतीय अलग नहीं रह सकते हैं।”

उन्होंने कहा, ”हमने अपने लोगों को महंगाई से बचाने के लिए कदम उठाए हैं और दूसरों की तुलना में हम काफी बेहतर स्थिति में हैं।”

उन्होंने कहा कि टमाटर की कीमतों को कम करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं और आने वाले महीनों में इसका असर दिखाई देगा।

अधिकारी ने कहा, ”मौजूदा अस्थायी रूप से ऊंची मुद्रास्फीति आंशिक रूप से सब्जियों के कारण है। मुझे उम्मीद है कि सब्जियों की कीमतें जल्दी ही कम हो जाएंगी, शायद अगले महीने तक।”

जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति 15 महीने के उच्च स्तर 7.44 प्रतिशत पर पहुंच गई थी।

Advertisement
First Published - August 20, 2023 | 1:45 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement