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Rupee at record low: रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, 1 डॉलर की कीमत 96 के पार

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Rupee falls: इस साल अब तक रुपया 6 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो चुका है। पिछले छह कारोबारी दिनों में ही इसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई है।

Last Updated- May 15, 2026 | 4:47 PM IST
rupees Dollar
Representational Image

Rupee at record low: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और महंगाई की चिंता के बीच भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान रुपया पहली बार 96.14 प्रति डॉलर तक गिर गया और बाद में 95.86 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इस साल अब तक रुपया 6 प्रतिशत से ज्यादा कमजोर हो चुका है। पिछले छह कारोबारी दिनों में ही इसमें करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई है। ईरान युद्ध के खतरे और महंगे कच्चे तेल ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है।

एनॉलिस्ट के मुताबिक, अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों के कारण डॉलर मजबूत हुआ है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बड़ी कटौती की उम्मीद कम हुई है। विदेशी निवेशकों की कमजोर दिलचस्पी, वैश्विक अनिश्चितता और एआई सेक्टर में निवेश के कम अवसरों के कारण भारत में पूंजी प्रवाह भी प्रभावित हुआ है।

थोड़ा सुधरकर 95.86 पर हुआ बंद

कारोबार के दौरान रुपया 95.86 पर खुला और बाद में 96.14 तक गिर गया। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप से इसमें कुछ सुधार आया और यह 95.86 पर बंद हुआ। इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 3.14 प्रतिशतबढ़कर 109.04 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.34 प्रतिशत बढ़कर 99.15 पर कारोबार कर रहा था।

शेयर बाजार में रही गिरावट

घरेलू शेयर बाजार में भी गिरावट रही। सेंसेक्स 160 अंक से ज्यादा टूटा जबकि निफ्टी 46 अंक गिरकर बंद हुआ। एक्सचेंज आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) गुरुवार को शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 187.46 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इस बीच, वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि अप्रैल में भारत का निर्यात 13.78 प्रतिशत बढ़कर 43.56 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 10 प्रतिशत बढ़कर 71.94 अरब डॉलर पहुंच गया। इस दौरान व्यापार घाटा 28.38 अरब डॉलर रहा।

आरबीआई के कदम से राहत: एनॉलिस्ट

मिराए एसेट शेयरखान के एनॉलिस्ट अनुज चौधरी ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई और मजबूत डॉलर के कारण रुपये पर दबाव बना रह सकता है। हालांकि आरबीआई के कदम और सोने-चांदी पर बढ़े आयात शुल्क से रुपये को कुछ सहारा मिल सकता है।

इस बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपनी हालिया वार्ता को ऐतिहासिक बताया। दोनों नेताओं ने ईरान युद्ध और व्यापार विवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन किसी बड़े समझौते की घोषणा नहीं की गई।

एजेंसी इनपुट के साथ

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First Published - May 15, 2026 | 4:47 PM IST

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