facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

विदेशी निवेश और व्यापार समझौते की उम्मीद से रुपये में दिखी तेजी, डॉलर के मुकाबले 22 पैसे हुआ मजबूत

Advertisement

डॉलर सूचकांक और कच्चे तेल में गिरावट के साथ विदेशी निवेश ने रुपये को सहारा दिया, जिससे यह मंगलवार को 85.70 प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुआ।

Last Updated- July 08, 2025 | 10:08 PM IST
Dollor Rupee
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

डॉलर सूचकांक और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के कारण मंगलवार को दिन के कारोबार में रुपया 22 पैसे उछल गया और मगर कारोबार के अंत में कुछ नीचे आकर 85.70 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कल रुपया 85.86 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

डीलरों ने कहा कि देसी शेयरों में विदेशी निवेश से भी रुपये को मदद मिली है। एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘शेयरों में निवेश हुआ और अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की आस बढ़ी।’डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत गिरकर 97.30 पर आ गया। यह सूचकांक बताता है कि छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर कितना ताकतवर है। इधर ब्रेंट क्रूड की कीमतें भी कल के 69.38 डॉलर प्रति बैरल से घटकर 68.78 डॉलर प्रति बैरल रह गईं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुल्क के बारे में जो पत्र भेजे, उनको बाजारों ने तवज्जो नहीं दी। ज्यादातर क्षेत्रीय शेयर बाजार और मुद्राएं मंगलवार को चढ़ गईं। अमेरिका ने 14 व्यापारिक साझेदारों को इस साल 1 अगस्त से आयात शुल्क बढ़ाए जाने के पत्र भेजे थे,जिन्हें काफी हद तक नजरअंदाज कर दिया गया। निवेशक मान रहे हैं कि शुल्क तत्काल नहीं बढ़ाए जा रहे हैं बल्कि यह भी बातचीत का ही एक दांव है।

एक बाजार भागीदार ने कहा, ‘बाजार इसे तत्काल आया खतरा नहीं माना। उसके बजाय वह इसे बातचीत की उम्मीद मान रहा है।’ प्रतिभागियों ने कहा कि छोटा व्यापार समझौता हुआ तो रुपये को औद दम मिल सकता है, जिससे यह 85 प्रति डॉलर तक जा सकता है।

चालू वित्त वर्ष में डॉलर के मुकाबले रुपये में 0.27 प्रतिशत गिरावट आई है, जबकि चालू कैलेंडर वर्ष में इसमें 0.1 प्रतिशत गिरावट देखी गई है।

 फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘अमेरिका और भारत के बीच समझौता होने की संभावना के बीच रुपया 85.63 प्रति डॉलर से 85.81 प्रति डॉलर के बीच टहलता रहा और इसमें तेजी बनी रही। हमें उम्मीद है कि रात तक कुछ सकारात्मक प्रगति की उम्मीदों के साथ रुपया कल (बुधवार) 85.30 से 86 प्रति डॉलर के बीच रहेगा।’

Advertisement
First Published - July 8, 2025 | 10:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement