facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

लुढ़कता रुपया 94 के करीब पहुंचा, डॉलर के मुकाबले नया निचला स्तर छूआ

Advertisement

बाजार के भागीदारों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने डॉलर की बिक्री के जरिये मुद्रा बाजार में दखल दिया जिससे रुपया 94 प्रति डॉलर के स्तर को पार करने से बच गया

Last Updated- March 25, 2026 | 10:35 PM IST
Rupee vs Dollar

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और शेयर बाजार में तेजी के बावजूद डॉलर के मुकाबले रुपया आज गिरकर नए निचले स्तर पर आ गया। डीलरों ने कहा कि नॉन-डिलिवरेबल फॉरवर्ड के परिपक्व होने और साथ ही महीने के आा​खिर में आयातकों की ओर से डॉलर की मांग बढ़ने से रुपये पर दबाव बढ़ा। रुपया 93.98 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर पर बंद हुआ। मंगलवार को रुपया 93.87 पर बंद हुआ था।

बाजार के भागीदारों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने डॉलर की बिक्री के जरिये मुद्रा बाजार में दखल दिया जिससे रुपया 94 प्रति डॉलर के स्तर को पार करने से बच गया।

एक सरकारी बैंक के डीलर ने कहा, ‘अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबर से जोखिम को लेकर धारणा में थोड़ा सुधार हुआ है। मगर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। महीने के आखिर में आयातकों और ट्रेडर की ओर से डॉलर की खरीदारी देखने को मिली।’ उन्होंने कहा, ‘एनडीएफ में परिपक्व हो रही कुछ पोजीशन से भी रुपये पर दबाव बना। भारतीय रिजर्व बैंक ने 93.98 प्रति डॉलर के स्तर पर मुद्रा बाजार में दखल दिया। 94 प्रति डॉलर के स्तर पर कड़ा प्रतिरोध देखने को मिल रहा है।’

रुपये के फॉरवर्ड मार्केट में डॉलर की शुद्ध शॉर्ट पोजीशन जनवरी के आखिर तक बढ़कर 67.77 अरब डॉलर हो गई जो दिसंबर के आखिर में 62.35 अरब डॉलर थी। 1 साल से कम अवधि वाली शॉर्ट पोजीशन में करीब 3 अरब डॉलर की गिरावट आई जबकि 1 साल से ज्यादा अवधि वाली पोजीशन में करीब 9 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 27 फरवरी, 2026 को समाप्त सप्ताह में 728.5 अरब डॉलर के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद 13 फरवरी, 2026 को समाप्त सप्ताह में करीब 20 अरब डॉलर घटकर 709.8 अरब डॉलर रह गया।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने एक नोट में बताया कि मार्च 2026 तक फॉरवर्ड बुक को ध्यान में रखते हुए विदेशी मुद्रा आयात कवर 9.2 महीनों पर चल रहा है। यह अनुमान इस आधार पर लगाया गया है कि मार्च के अंत तक मुद्रा भंडार घटकर 696 अरब डॉलर रह जाएगा और फॉरवर्ड बुक का डॉलर घाटा बढ़कर 80 अरब डॉलर हो जाएगा।

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स में ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘शेयर बाजार में तेजी और डॉलर इंडेक्स में गिरावट के बावजूद महीने के आखिर में मांग ज्यादा होने से बोलियां ऊंची बनी रहीं। डॉलर के मुकाबले जोखिम वाली सभी संप​त्तियों में तेजी देखी गई क्योंकि बाजार को उम्मीद थी कि अमेरिका-ईरान के बीच कोई समझौता हो सकता है।’

रुपया एक दशक से भी ज्यादा समय में अपने सबसे बुरे साल की ओर बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष में डॉलर के मुकाबले इसमें 9.05 फीसदी की गिरावट आई है। मार्च महीने में रुपया अभी तक करीब 3.19 फीसदी टूट चुका है। डॉलर इंडेक्स 99.30 पर लगभग ​स्थिर रहा। ब्रेंट क्रूड का दाम घटकर 99.31 डॉलर प्रति बैरल रह गया जो मंगलवार को 101.75 डॉलर प्रति बैरल था।

Advertisement
First Published - March 25, 2026 | 10:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement