facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

चीनी भंडार न बताने पर सख्ती की तैयारी, लग सकती है स्टॉक लिमिट

Advertisement

सरकार पहले 17 अक्टूबर तक भंडार का खुलासा नहीं करने वालों पर राज्य सरकार की कार्रवाई का इंतजार करेगी और उसके बाद भी खुलासा संतोषजनक नहीं मिलता है तो स्टॉक लिमिट लगाई जा सकती है

Last Updated- October 16, 2023 | 10:36 PM IST
Sugar cane crushing-production

चीनी का कारोबार करने वाली सभी संस्थाएं अगर कल यानी 17 अक्टूबर तक आधिकारिक पोर्टल पर अपने भंडार का खुलासा नहीं करती हैं तो केंद्र सरकार चीनी के व्यापार पर स्टॉक सीमा लगाने पर विचार कर सकती है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार पहले 17 अक्टूबर तक भंडार का खुलासा नहीं करने वालों पर राज्य सरकार की कार्रवाई का इंतजार करेगी और उसके बाद भी अगर खुलासा संतोषजनक नहीं मिलता है तो व्यापक भंडार सीमा लगाई जा सकती है।

अधिकारी ने कहा, ‘हम उन लोगों के आंकड़े एकत्र कर रहे हैं जिन्होंने अपने चीनी के भंडार बता दिए हैं और जिन्होंने अब तक ऐसा नहीं किया है उन पर कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है।’ उन्होंने कहा कि कुछ बड़े नाम हैं जो इस प्रक्रिया से दूर हो गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी निर्यात पर प्रतिबंध 31 अक्टूबर के बाद अनिश्चितकाल तक बढ़ाया भी जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल चीनी का निर्यात 31 अक्टूबर तक प्रतिबंधित श्रेणी में है और उसके बाद हम इसे अनिश्चितकाल तक बढ़ा देंगे।’

दोनों निर्णय जाहिर तौर पर चीनी की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लिए गए हैं। उत्पादन कम होने के कारण पिछले कुछ हफ्तों से चीनी के दाम बढ़ रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि सरकार का मानना ​​है कि 2023-24 में चीनी का उत्पादन लगभग 3-3.1 करोड़ टन होने की उम्मीद है जो लगभग 2.8 करोड़ टन की घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त होगा। 30 सितंबर 2023 को समाप्त हुए 2022-23 चीनी सीजन में भारत ने लगभग 3.3 करोड़ टन चीनी का उत्पादन किया है। भारत ने चीनी सीजन 2023-24 की शुरुआत 56 लाख टन चीनी के शुरुआती स्टॉक के साथ की। यह पिछले सीजन के 63 लाख टन चीनी के शुरुआती स्टॉक से थोड़ा कम था। इस वर्ष असामान्य रूप से लंबे और शुष्क अगस्त के कारण भारत के चीनी उत्पादन में गिरावट का अनुमान है।

इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा ने कल बताया था कि सरकार ने चीनी कारोबारियों को 17 अक्टूबर तक खाद्य मंत्रालय की वेबसाइट पर अपने भंडार की जानकारी देने के लिए अंतिम आदेश जारी किया है। 23 सितंबर को खाद्य मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर सभी चीनी के सभी हितधारकों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं और प्रोसेसरों को वेबसाइट पर साप्ताहिक रूप से अपने भंडार की अद्यतन स्थिति बताने का निर्देश दिया था।

मंत्रालय ने हितधारकों को पत्र लिखकर कहा था, ‘चीनी और वनस्पति तेल निदेशालय को कई ऐसे उदाहरण मिले हैं जहां इनमें से कई संस्थाओं के पास पर्याप्त मात्रा में चीनी के भंडार हैं, जिसकी जानकारी नहीं है।’

Advertisement
First Published - October 16, 2023 | 10:35 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement