facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

महाराष्ट्र में एक नवंबर से चीनी मिलें शुरू करेगी गन्ना पेराई, ₹3,550 प्रति टन के हिसाब से मिलेगी एफआरपी

Advertisement

महाराष्ट्र कृषि विभाग ने पेराई सत्र 2025-26 में 80.96 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है जिसमें से लगभग 20 लाख मीट्रिक टन चीनी इथेनॉल उत्पादन में जाएगी

Last Updated- October 01, 2025 | 9:11 PM IST
Sugarcane

महाराष्ट्र में इस साल गन्ना पेराई सत्र एक नवंबर 2025 से शुरू करने का फैसला किया गया है। पिछले साल गन्ना पेराई की शुरुआत 15 नवंबर से की गई थी। महाराष्ट्र कृषि विभाग ने पेराई सत्र 2025-26 में 80.96 लाख टन चीनी उत्पादन का अनुमान लगाया है जिसमें से लगभग 20 लाख मीट्रिक टन चीनी इथेनॉल उत्पादन में जाएगी। राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए मंत्री समिति ने निर्णय लिया कि इस साल मुख्यमंत्री सहायता निधि के लिए प्रति टन 10 रुपये की कटौती और बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए प्रति टन 5 रुपये की कटौती की जाएगी।

करीब 110 दिन तक होगी गन्ना पेराई

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में वर्ष 2024-25 पेराई सत्र की समीक्षा और 2025-26 के नए गन्ना पेराई की नीति तय करने के लिए आयोजित मंत्री समिति की बैठक सहकार आयुक्त दीपक तावरे ने राज्य के चीनी उद्योग के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ ने कृषि और बागवानों को भारी नुकसान पहुंचाया है, और भूमि कटाव के कारण किसान संकट में हैं।

गन्ना पेराई सत्र शुरू होने में अभी एक महीना बाकी है। गन्ना पेराई वास्तव में दिवाली के बाद ही शुरू होगी, इसलिए गन्ना कटाई मजदूरों की उपस्थिति भी सत्र की शुरुआत से रहने की उम्मीद है। 2024-25 सत्र में औसत गन्ना पेराई अवधि 85 दिन थी। इस 2025-26 सत्र में उपलब्ध गन्ना की स्थिति तुलनात्मक रूप से अच्छी है, इसलिए यह उम्मीद है कि यह सत्र औसतन 100 से 110 दिनों तक चलेगा।

Also Read: Cabinet Decisions: दलहन आत्म​निर्भरता मिशन को मंजूरी, ₹11,400 करोड़ खर्च से 2 करोड़ किसानों को होगा लाभ

3,550 रुपये प्रति टन के हिसाब से मिलेगी एफआरपी

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि इस वर्ष पेराई होने वाले गन्ने के लिए बेसिक उतारा 10.25 फीसदी को ध्यान में रखते हुए प्रति मीट्रिक टन 3,550 रुपये वाजिब लाभ दर (FRP) दी जाएगी। पिछले सीजन में लगभग 200 चीनी मिलों ने पेराई की थी, जिनमें 99 सहकारी और 101 निजी चीनी मिलें शामिल थी। किसानों को 31,301 करोड़ रुपये की एफआरपी अदा की गई है। राज्य ने 99.06 फीसदी एफआरपी का भुगतान किया है, जिसमें 148 मिलों ने 100 फीसदी एफआरपी अदा की है।

को-जनरेशन परियोजनाओं में वर्ष 2024-25 में कारखानों द्वारा निर्यात की गई बिजली 298 करोड़ यूनिट्स रही, जिससे कारखानों को 1,979 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कारखानों को एथेनॉल बिक्री से 6,378 करोड़ रुपये की आय हुई है।

Also Read: Rabi Crops MSP Hike: किसानों को दिवाली तोहफा! सरकार ने रबी फसलों की MSP बढ़ाई, गेहूं पर ₹160/ क्विंटल का इजाफा

पिछले साल से ज्यादा चीनी मिलें करेंगी पेराई

चीनी आयुक्त दीपक तावरे ने कहा कि, पिछले वर्ष राज्य में 200 चीनी मिलों ने गन्ना पेराई की थी। इस वर्ष, अब तक 104 सहकारी और 107 निजी सहित कुल 211 चीनी मिलों ने क्षेत्रीय चीनी संयुक्त निदेशक कार्यालय स्तर पर गन्ना पेराई लाइसेंस के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। यानी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक मिलें शुरू होने की उम्मीद है। पेराई सत्र की नीति के अनुसार उचित राशि का भुगतान करने और जांच के बाद सही प्रस्ताव वाली चीनी मिलों को पेराई लाइसेंस वितरित किए जाएंगे।

Advertisement
First Published - October 1, 2025 | 9:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement