facebookmetapixel
test postQ4 में टूटेंगे सारे रिकॉर्ड! हिंदुस्तान जिंक के CEO का दावा: चौथी तिमाही होगी सबसे मजबूतरेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइल

गन्ना कीमतों को लेकर चीनी मिल पहुंचे सरकार के द्वार

एक तरफ उत्पादन की लागत बढ़ी है, वहीं चीनी की कीमतों में दिसंबर 2024 के अंत तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है।

Last Updated- January 16, 2025 | 11:31 PM IST
Sugar season 2024-25: Sugarcane crushing season will start soon in Maharashtra, border mills will benefit from Karnataka's decision महाराष्ट्र में गन्ना पेराई सीजन जल्द होगा शुरू, कर्नाटक के फैसले से सीमावर्ती मिलों को होगा फायदा
प्रतीकात्मक तस्वीर

किसानों के असंतोष के सुगबुगाहट के बीच उत्तर प्रदेश की निजी चीनी मिलों ने राज्य सरकार से संपर्क कर गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (एसएपी) में आगे कोई बढ़ोतरी न करने का अनुरोध किया है। मिलों का कहना है कि गिरते रिकवरी रेट की वजह से उत्पादन लागत तेजी से बढ़ी है, जिसे देखते हुए 2024-25 सीजन में गन्ने का दाम स्थिर रखा जाना चाहिए। चीनी सत्र अक्टूबर से सितंबर के बीच होता है।

सूत्रों ने कहा कि राज्य में सालाना उत्पादन में ज्यादा हिस्सा वाली निजी चीनी मिलों ने कहा कि 2024-25 चीनी सत्र में रिकवरी में 0.3 से 1.0 फीसदी तक की गिरावट आई है, जिसकी वजह उत्पादन लागत औसतन 140 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ गई है (रिकवरी में 0.4 फीसदी औसत गिरावट मानें तो)। रिकवरी रेट गन्ने से चीनी की मिलने वाली मात्रा होती है। मिल मालिकों ने यह भी कहा है कि एक तरफ उत्पादन की लागत बढ़ी है, वहीं चीनी की कीमतों में दिसंबर 2024 के अंत तक पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है।

उत्तर प्रदेश के साथ पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड सरकार की अपनी कीमत है, जिस दर पर चीनी मिलें किसानों से गन्ना खरीदती हैं। इसे एसएपी कहा जाता है।
चीनी सत्र 2023-24 में उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने की सभी किस्मों के लिए राज्य परामर्श मूल्य 20 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर शुरुआती किस्म की कीमत 370 रुपये प्रति क्विंटल कर दी थी।

उत्तर प्रदेश देश के बड़े गन्ना उत्पादक राज्यों में से एक है और यहां देश में निजी क्षेत्र की सर्वाधिक चीनी मिलें हैं। उत्तर प्रदेश की कुल 120 चीनी मिलों में से निजी क्षेत्र की 93 मिलें, सहकारी क्षेत्र की 24 मिलें और यूपी स्टेट शुगर कॉर्पोरेशन की 3 मिलें हैं। राज्य में करीब 50 लाख कृषक परिवार सीधे तौर पर गन्ने की खेती से जुड़े हुए हैं और गन्ने के सह उत्पादों चीनी, एथनॉल, मोलैसिस आदि से राज्य में 50,000 करोड़ रुपये का कारोबार होता है।

First Published - January 16, 2025 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट