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Sugar Production: इस्मा ने वर्ष 2023-24 में सकल चीनी उत्पादन अनुमान बढ़ाकर 340 लाख टन किया

Sugar Production: समिति इस बात पर सहमत हुई कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने की उपलब्धता उम्मीद से अधिक है।

Last Updated- March 13, 2024 | 8:19 PM IST
इस्मा ने वर्ष 2023-24 में सकल चीनी उत्पादन अनुमान बढ़ाकर 340 लाख टन किया , Sugar Production: ISMA increased the gross sugar production estimate to 340 lakh tonnes in the year 2023-24

Sugar Production: चीनी उद्योग संगठन इस्मा ने बुधवार को सितंबर को समाप्त होने वाले विपणन वर्ष में चीनी के सकल उत्पादन के अपने अनुमान को 9.5 लाख टन बढ़ाकर 340 लाख टन कर दिया है। जनवरी में, भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने विपणन वर्ष 2023-24 (अक्टूबर-सितंबर) में एथनॉल के लिए शीरे के उपयोग में लाये जाने के बिना, सकल चीनी उत्पादन 330.5 लाख टन होने का अनुमान लगाया था।

एक बयान में, इस्मा ने कहा कि वर्ष 2023-24 में सकल चीनी उत्पादन अब 340 लाख टन होने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष का सकल उत्पादन 366.2 लाख टन था। इस्मा की कार्यकारी समिति ने 12 मार्च को आयोजित अपनी बैठक में चीनी प्राप्ति दर, गन्ना उपज, शेष कटाई योग्य क्षेत्र/गन्ना और विभिन्न राज्यों में कारखानों को बंद करने की अपेक्षित तारीखों पर ध्यान दिया।

समिति इस बात पर सहमत हुई कि महाराष्ट्र और कर्नाटक में गन्ने की उपलब्धता उम्मीद से अधिक है। हालांकि, एक अन्य प्रमुख राज्य, उत्तर प्रदेश में गन्ने की उपलब्धता पूर्व अनुमान से कम रहने का अनुमान है।

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बयान में कहा गया है, ‘‘इसको देखते हुए, इस्मा ने वर्ष 2023-24 के लिए अपने अखिल भारतीय चीनी उत्पादन अनुमान को संशोधित कर (एथनॉल में उपयोग के बिना) 340 लाख टन कर दिया है, जबकि जनवरी 2024 में इसका पिछला अनुमान 330.5 लाख टन का था।’’

गन्ना रस और बी-भारी शीरा से एथनॉल बनाने के लिए 38 लाख टन चीनी के उपयोग के साथ विपणन वर्ष 2022-23 के दौरान शुद्ध चीनी उत्पादन 328.2 लाख टन था। चालू वर्ष 2023-24 के लिए, सरकार ने अब तक गन्ना रस/बी-भारी शीरा के माध्यम से एथनॉल के उत्पादन मे 17 लाख टन चीनी के उपयोग की अनुमति दी है।

इसका मतलब यह होगा कि शुद्ध चीनी उत्पादन लगभग 323 लाख टन हो सकता है। इस्मा ने कहा कि विपणन वर्ष 2023-24 के 29 फरवरी तक शुद्ध चीनी उत्पादन (एथनॉल के लिए उपयोग के बाद) 255.5 लाख टन था। बयान में कहा गया है कि देश में अभी भी 466 चीनी मिलें चल रही हैं।

First Published - March 13, 2024 | 8:19 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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