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गेहूं की बोआई सामान्य से ज्यादा, 3.86 करोड़ हेक्टेयर में लगाई गई फसल: कृषि मंत्रालय

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अधिकारियों ने बताया कि अंतिम चरण में भी गेहूं की बोआई पूरे जोरों पर जारी है, आने वाले हफ्तों में इस महत्त्वपूर्ण फसल का रकबा और बढ़ने की उम्मीद है।

Last Updated- December 22, 2023 | 10:26 PM IST
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गेहूं की बोआई में 22 दिसंबर को खत्म हुए सप्ताह के दौरान थोड़ी तेजी आई और पहली बार यह सामान्य से पार हो गया। कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार तक करीब 3.86 करोड़ हेक्टेयर में फसल लगाई जा चुकी है जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 5.75 लाख हेक्टेयर कम है।

आमतौर पर गेहूं करीब 3.73 करोड़ हेक्टेयर में बोया जाता है। सामान्य क्षेत्र पिछले पांच वर्षों में एक फसल के तहत औसत क्षेत्र है।

अधिकारियों ने बताया कि अंतिम चरण में भी गेहूं की बोआई पूरे जोरों पर जारी है, आने वाले हफ्तों में इस महत्त्वपूर्ण फसल का रकबा और बढ़ने की उम्मीद है।

मध्य प्रदेश में 22 दिसंबर तक गेहूं का रकबा पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम है मगर यह सामान्य रकबे से अधिक है। यह गिरावट रिपोर्टिंग में देरी के कारण हो सकती है।

गेहूं की फसल बढ़िया होने से सरकार को आगामी महीनों में खाद्य महंगाई को काबू करने में मदद मिलेगी। इस साल कटाई तक मौसम अनुकूल रहने की उम्मीद है।

इस बीच, आंकड़ों से पता चलता है कि महाराष्ट्र, राजस्थान, कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में चने की बोआई पिछले साल की तुलना में कम है। जबकि मध्यप्रदेश में चने की बोआई का रकबा पिछले साल से ज्यादा है। महाराष्ट्र में कम बारिश के कारण बोआई के रकबे में कमी दिख सकती है।

जहां तक तिलहन का सवाल है तो सरसों की बोआई पिछले साल के मुकाबले करीब दो फीसदी बढ़कर 95.2 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। कुल मिलाकर रबी फसलों की बोआई 22 दिसंबर तक 6.06 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में हुई है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 2.76 फीसदी कम है।

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First Published - December 22, 2023 | 10:26 PM IST

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