facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत के IT सेक्टर में AI का तूफान: 283 अरब डॉलर की इंडस्ट्री के सामने खड़ी हुई बड़ी चुनौती

Advertisement

पिछले कुछ सप्ताहों में बड़ी आई कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा है क्योंकि एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों की घोषणाओं के बाद मूल्यांकन बदले हैं

Last Updated- February 23, 2026 | 10:20 PM IST
artificial intelligence
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

भारत का 283 अरब डॉलर का सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सेवा उद्योग अपने सबसे मुश्किल और चुनौतीपूर्ण बदलाव से एक से गुजर रहा है, जो एआई में तेजी से हो रही तरक्की की वजह से हो रहा है। अगले दो दिनों में, उद्योग के दिग्गज 36वें नैसकॉम टेक्नॉलजी लीडरशिप फोरम (एनटीएलएफ) में एकत्रित होंगे और इस क्षेत्र को नया आकार देने वाले बदलावों तथा जरूरी और महत्त्वपूर्ण जवाबों पर चर्चा होगी।

पिछले कुछ सप्ताहों में बड़ी आई कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा है क्योंकि एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों की घोषणाओं के बाद मूल्यांकन बदले हैं। इन कंपनियों ने ऐसे टूल पेश किए हैं जो पारंपरिक ऐप्लीकेशन सर्विस डिलीवरी मॉडल पर असर डाल सकते हैं।

इस साल अब तक निफ्टी आईटी सूचकांक करीब 14 फीसदी गिरा है, जो निफ्टी 50 से 12 प्रतिशत अंक कम है। जेफरीज इक्विटी रिसर्च के मुताबिक, तीसरी तिमाही के नतीजों से ज्यादातर आईटी फर्मों के आय अनुमान बढ़ाए गए हैं, लेकिन हाल के एआई-आधारित घटनाक्रम ने इस क्षेत्र की मध्यावधि से दीर्घावधि वृद्धि को लेकर चिंता बढ़ा दी है, जिससे 27 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। ब्रोकरेज ने कहा कि शेयरों का प्रदर्शन अब अल्पावधि आय के बजाय दीर्घावधि बिजनेस आउटलुक से ज्यादा जुड़ा होने की संभावना है।

मैकिंसे और नैसकॉम की 2025 फ्यूचर ऑफ टेक्नॉलजी सर्विसेज 2030 रिपोर्ट के अनुसार 13 प्रमुख टेक्नॉलजी दुनिया को नया आकार देने को तैयार हैं, अर्थव्यवस्था, उद्योग और समाज में बड़ा बदलाव लाएंगी और 2030 तक 25–45 लाख करोड़ डॉलर की आर्थिक वैल्यू पैदा करेंगी।  2025–27 के बीच, एआई क्रांति (एआई और एजेंटिक एआई) मुख्य बिंदु होगी।

2027-30 तक, अत्याधुनिक इंजीनियरिंग डोमेन (बायोइंजीनियरिंग, रोबोटिक्स, सस्टेनेबल एनर्जी, मोबिलिटी) को एआई और कनेक्टिविटी की नींव पर निर्माण करते हुए तेजी आने की उम्मीद है। 2030 के बाद, इमर्सिव, क्वांटम और स्पेस टेक्नॉलजी के साथ-साथ इन मोर्चों का व्यापक इस्तेमाल बढ़ने की संभावना है, जो वैश्विक बदलाव की अगली प्रमुख लहर स्थापित करेगा।

नैसकॉम के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने हाल में बिजनेस स्टैंडर्ड के साथ बातचीत में नई प्रौद्योगिकियों की वजह से उत्पादकता और प्रदर्शन में सुधार की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा, ‘जब हम पारंपरिक आईटी सेवा परिदृश्य को देखते हैं (जिसमें ज्यादातर आईटी सेवा फर्में काम करती हैं) तो असलियत बहुत अलग दिखती है। ये बहुत जटिल एवं बारीकियों से जुड़ी प्रणालियां होती हैं।’

Advertisement
First Published - February 23, 2026 | 10:20 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement