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ऑरेकल में वैश्विक छंटनी की आंच भारत तक, 12,000 तक कर्मचारियों पर असर की आशंका

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देश भर के इंजीनियरों के लिए 1 अप्रैल की सुबह एक कड़वी सच्चाई लेकर आई कि एआई का दौर उन पर किस तरह का असर डाल सकता है

Last Updated- April 01, 2026 | 10:48 PM IST
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भारत में ऑरेकल के लगभग 50,000 कर्मचारियों के लिए आज की सुबह अप्रिय खबर लेकर आई। काम शुरू होने से पहले ही कई कर्मियों के इनबॉक्स में नौकरी से निकाले जाने के ईमेल आ गए थे। हालांकि इस बारे में बिज़नेस स्टैंडर्ड से बात करने वाले कई कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें पहले से इसका अंदेशा था। कंपनी के एक सूत्र ने कहा, ‘कंपनी के अंदर माहौल निश्चित रूप से निराशाजनक है लेकिन बहुत से लोग इसका अनुमान लगा रहे थे।’

इस कर्मचारी ने ऑरेकल के आंतरिक संचार की ओर इशारा किया, जो रणनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा था। कंपनी ने एक आंतरिक सर्कुलर में व्यापक संगठनात्मक परिवर्तन और परिचालन को सुव्यवस्थित करने की आवश्यकता बताई थी। इसमें कुछ पुरानी भूमिकाएं समाप्त करने का भी जिक्र था क्योंकि कंपनी पारंपरिक एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर की जगह एआई सेवाओं को अपनाने की ओर रुख कर रही है।

देश भर के इंजीनियरों के लिए 1 अप्रैल की सुबह एक कड़वी सच्चाई लेकर आई कि एआई का दौर उन पर किस तरह का असर डाल सकता है। ऑरेकल की घटना से एक्स, रेडिट, लिंक्डइन और ग्रैपवाइन जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों ने जमकर प्रतिक्रिया दी। 

दुनिया की सबसे बड़ी डेटाबेस कंपनी ऑरेकल ने वै​श्विक स्तर पर करीब 30,000 कर्मचारियों की छंटनी शुरू कर दी है और ऐसा लगता है कि भारत इस छंटनी से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक देश में 12,000 तक कर्मचारी इससे प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि सूत्रों ने बताया कि भारत में 2,500 से 3,000 कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है। इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘इस बार भारत भी प्रभावित हुआ है। लेकिन ये संख्या कुछ हजार के दायरे में ही है।’

एक अन्य सूत्र ने कहा कि छंटनी का असर कंपनी के वि​भिन्न कारोबारी सेगमेंट पर पड़ेगा। इस बारे में जानकारी के लिए ऑरेकल इंडिया को ईमेल किया गया मगर खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया।

इस साल की शुरुआत में निवेश बैंक टीडी कोवेन के विश्लेषकों ने अनुमान लगाया था कि ऑरेकल 30,000 तक कर्मचारियों की छंटनी करेगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस छंटनी और हेल्थ टेक यूनिट की बिक्री से कंपनी को 8 अरब से 10 अरब डॉलर की नकदी मिलेगी। भारत में पिछले साल भी ऑरेकल ने कुछ कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। उस समय खबरों में बताया था कि यह संख्या लगभग कुल कर्मचारियों का 10 फीसदी थी और इसका असर क्लाउड यूनिट पर पड़ा था।

विश्लेषकों ने बताया कि ऑरेकल के मामले में ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि चेयरमैन लैरी एलिसन का ध्यान एआई का फायदा उठाने के लिए डेटा सेंटर बनाने पर केंद्रित है।

कंपनी कुल 50 अरब डॉलर जुटा रही है, जिसका उपयोग वह अपने कुछ सबसे बड़े ऑरेकल क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर ग्राहकों, जिनमें एएमडी, मेटा, एनवीडिया, ओपनएआई, टिकटॉक, एक्सएआई आदि की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता बनाने में करेगी। कंपनी बॉन्ड और तरजीही शेयर आवंटन से 30 अरब डॉलर जुटा चुकी है।

ओरेकल के लिए वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही सबसे बेहतरीन तिमाहियों में से एक रही। इसकी कुल आय में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इसके लगभग सभी कारोबारी सेगमेंट में दो अंक में वृद्धि हुई। सबसे अहम बात यह है कि एआई इन्फ्रा से होने वाली आय में 243 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। 

बीते समय एमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने भी छंटनी की है।  पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट ने दुनिया भर में 15,000 से ज्यादा नौकरियां खत्म कर दी थीं।

हालांकि भारत के विश्लेषकों ने इस बात पर जोर दिया है कि छंटनी का यह चलन अब हमारे और भी करीब पहुंचता जा रहा है। पारिख कंसल्टिंग और ईआईआईआरट्रेंड्स के संस्थापक पारिख जैन ने कहा कि इनमें से ज्यादातर छंटनी एआई की वजह से काम को व्यवस्थित करने और एआई हार्डवेयर में निवेश करने की जरूरत के कारण हो रही है।

उन्होंने कहा, ‘अगर आप पहले हुई छंटनियों को देखें तो भारत पर इसका असर बहुत कम रहा है। लेकिन आगे चलकर यह स्थिति बदल जाएगी। पिछले साल सभी ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (जीसीसी) को मिलाकर छंटनी की संख्या लगभग 10,000 थी। अगर ओरेकल की छंटनी के बारे में मीडिया के आंकड़ों पर यकीन करें तो यह किसी भी जीसीसी यूनिट में होने वाली सबसे बड़ी छंटनी में से एक होगी।’

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First Published - April 1, 2026 | 10:44 PM IST

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