उद्यम पूंजी निवेशक आशिष कुमार ने फ्रंटियर-टेक निवेश प्लेटफॉर्म ‘एफ2ए’ (फंडामेंटम फ्रंटियर एडवाइजर्स) पेश किया है। एआई और डीपटेक ‘फंडामेंटम-3’ के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से मंजूरी मिलने के बाद इसे शुरू किया गया है। यह 2,000 करोड़ रुपये का फंड है।
इस प्लेटफॉर्म को संस्थागत और व्यक्तिगत निवेशकों का समर्थन है। इनमें एंकर निवेशक नंदन नीलेकणि भी शामिल हैं। इसके साथ ही एफ2ए 1,000 करोड़ रुपये तक के समानांतर सह-निवेश का प्रबंधन भी करेगा। यह उपभोक्ता, उद्यम व फिजिकल एआई के क्षेत्र में काम करने वाली स्टार्टअप कपंनियों को वित्तीय सहायता प्रदान करेगा।
फंडामेंटम पार्टनरशिप के सह-संस्थापक आशिष कुमार ने कहा, ‘हम विभिन्न क्षेत्रों में एआई और डीप-टेक के विकास और उन्हें अपनाने के तौर-तरीकों में ढांचागत बदलाव देख रहे हैं। एफ2ए हमारे उस प्रयास का हिस्सा है जिसके तहत हम ऐसे संस्थापकों के साथ साझेदारी करते हैं, जो लंबे समय तक चलने वाले तकनीक पर आधारित कारोबार तैयार कर रहे हैं। इसमें भी हम वही अनुशासित, दीर्घकालिक नजरिया अपनाते हैं, जिसे फंडामेंटम ने निर्धारित किया है।’
उन्होंने कहा, ‘आज भारत के पास प्रतिभा, महत्त्वाकांक्षा, नीति और पूंजी का सही मेल मौजूद है और समर्पित रूप से संस्थागत ध्यान उन कंपनियों पर केंद्रित करने का यही वक्त है जो नए मार्चों पर काम कर रही हैं।’ एफ2ए के एंकर निवेशक नंदन नीलेकणि ने कहा कि तकनीक-आधारित नवाचार विभिन्न क्षेत्रों में लगातार नए अवसर पैदा कर रहा है।
नीलेकणि ने कहा, ‘दमदार क्रियान्वयन क्षमता के साथ दीर्घकालिक सोच के संयोजन वाले प्लेटफॉर्म इस बदलाव में मदद करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।’
एफ2ए फंडामेंटम के पिछले फंडों के लिए तैयार निवेश रणनीति पर आधारित है। वह बड़े तथा उभरते बाजारों में अलग-अलग चरण वाली तकनीक पर आधारित कंपनियों को लक्ष्य करेगा। आशिष कुमार ने स्पिनी, कुकू एफएम, ऐप्सफॉरभारत और विशलिंक जैसे उपभोक्ता-तकनीक वाली स्टार्टअप कंपनियों के साथ-साथ फारआई, व्हिजो और जिनमोड जैसी उद्यम-तकनीक क्षेत्र की कंपनियों में निवेश किया है। एफ2ए इस तरह की कंपनियों को आगे भी समर्थन देना जारी रखेगा।