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कच्चे तेल में आ सकता है भूचाल! वुड मैकेंजी का दावा: $150 प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं कीमतें

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एक विश्लेषण में फर्म ने कहा कि तेल आपूर्ति में व्यवधान अभूतपूर्व है। खाड़ी देश 2 करोड़ बैरल प्रति दिन तेल का उत्पादन करते हैं, लेकिन अब 1.5 करोड़ बैरल का निर्यात रुक गया है

Last Updated- March 10, 2026 | 9:51 PM IST
Crude Oil
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

वैश्विक ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधन कंसल्टेंसी फर्म वुड मैकेंजी के अनुसार खाड़ी क्षेत्र से 1.5 करोड़ बैरल प्रति दिन आपूर्ति अचानक बाधित होने से मांग संतुलन गड़बड़ा गया है। इसे संतुलित करने के लिए ईंधन कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

एक विश्लेषण में फर्म ने कहा कि तेल आपूर्ति में व्यवधान अभूतपूर्व है। खाड़ी देश 2 करोड़ बैरल प्रति दिन तेल का उत्पादन करते हैं, लेकिन अब 1.5 करोड़ बैरल का निर्यात रुक गया है। उद्योग ने पहले कभी इस तरह के व्यवधान का सामना नहीं किया है। यदि संघर्ष और बढ़ा तो तेल की कीमतों में वृद्धि होती रहेगी।

वुड मैकेंजी के अध्यक्ष और मुख्य विश्लेषक साइमन फ्लावर्स ने कहा, ‘तेल आपूर्ति का बहाल होने में बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि युद्ध कितने समय तक चलता है और होर्मुज स्ट्रेट कितने समय तक बंद रहता है तथा क्या अमेरिकी नौसेना जहाजों को एस्कॉर्ट कर तेल की आवाजाही सुरक्षित कर सकती है।

बाजार को संतुलित करने के लिए 10.5 करोड़ बैरल प्रति दिन वैश्विक तेल मांग घटानी होगी, इसके लिए आने वाले हफ्तों में ब्रेंट कीमतें कम से कम 150 डॉलर प्रति बैरल तक करनी होंगी।’ उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष समाप्त होने पर आपूर्ति श्रृंखला को बढ़ाना आसान नहीं होगा।

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First Published - March 10, 2026 | 9:51 PM IST

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