facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

खाने के तेल और तिलहन में सुधार का रुख, मूंगफली अपरिवर्तित

Advertisement
Last Updated- February 11, 2023 | 3:23 PM IST
Edible oil

शिकागो एक्सचेंज के लगभग 1.5 प्रतिशत मजबूती के साथ बंद होने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को खाद्यतेल तिलहन कीमतों में सुधार का रुख रहा। सरसों, सोयाबीन तेल तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के भाव पर्याप्त सुधार के साथ बंद हुए।

सामान्य कारोबार के बीच भाव ऊंचा होने की वजह से मूंगफली तेल तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे। बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि शुक्रवार देर रात शिकागो एक्सचेंज में लगभग 1.5 प्रतिशत की मजबूती रहने का असर आज के स्थानीय कारोबार पर देखने को मिला। मूंगफली तेल तिलहन छोड़कर बाकी तेल तिलहनों के भाव मजबूत हो गये।

सूत्रों ने कहा कि सस्ते आयातित तेलों, विशेषकर घरेलू तेल तिलहन उद्योग पर सबसे अधिक प्रभावित करने वाले सूरजमुखी और सोयाबीन जैसे हल्के (सॉफ्ट) तेलों के भाव इस कदर नीचे गिरे हैं कि थोड़ी सी भी बढ़त मजबूती ही नजर आती है। लेकिन अब भी इनकी कीमतें देशी तेल तिलहनों के मुकाबले बेहद कम हैं।

अगर ऐसी ही स्थिति बनी रही तो सरसों, सोयाबीन, बिनौला जैसे देशी तेल-तिलहनों की खपत नामुमकिन है। इसके अलावा सूरजमुखी की आगे होने वाली बुवाई पर भी असर पड़ेगा। देशी तेल तिलहनों की खपत न हो पाने की चिंता को देखते हुए तेल संगठनों ने भी सस्ते आयातित तेलों पर आयात शुल्क लगाये जाने की मांग की है।

सामान्य कारोबार के बीच ऊंचे भाव के मूंगफली में कारोबार कम हुआ और इसके तेल तिलहनों की कीमतें पूर्वस्तर पर बनी रहीं।

शनिवार को तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे: सरसों तिलहन – 5,905-5,955 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली – 6,475-6,535 रुपये प्रति क्विंटल। मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,420-2,685 रुपये प्रति टिन। सरसों तेल दादरी- 12,250 रुपये प्रति क्विंटल। सरसों पक्की घानी- 1,970-2,000 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,930-2,055 रुपये प्रति टिन। तिल तेल मिल डिलिवरी – 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,460 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 10,650 रुपये प्रति क्विंटल। सीपीओ एक्स-कांडला- 8,700 रुपये प्रति क्विंटल। बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,850 रुपये प्रति क्विंटल। पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 10,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 9,450 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल। सोयाबीन दाना – 5,470-5,600 रुपये प्रति क्विंटल। सोयाबीन लूज- 5,210-5,230 रुपये प्रति क्विंटल। मक्का खल (सरिस्का)- 4,010 रुपये प्रति क्विंटल।

Advertisement
First Published - February 11, 2023 | 3:23 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement