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युद्ध की अफवाहों से LPG सिलेंडर की पैनिक बुकिंग? सरकार ने किया दावा: घबराएं नहीं, स्टॉक है भरपूर

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पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शनिवार को बताया कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं

Last Updated- March 14, 2026 | 8:09 PM IST
LPG GAS
फोटो क्रेडिट: PTI

देश में रसोई गैस (LPG) की किल्लत को लेकर फैली अफवाहों और भारी पैनिक बुकिंग के बीच केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शनिवार को बताया कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। हालांकि, खाड़ी देशों में जारी युद्ध और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ में पैदा हुए गतिरोध की वजह से सप्लाई चेन पर दबाव जरूर पड़ा है, लेकिन सरकार ने घरेलू सप्लाई को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है।

55 लाख से सीधे 88 लाख तक पहुंचा बुकिंग का आंकड़ा

सुजाता ने कहा, “युद्ध की खबरों के बीच आम जनता में इस बात का डर बैठ गया है कि आने वाले दिनों में सिलेंडर नहीं मिलेंगे। इसी घबराहट में लोग जरूरत न होने पर भी सिलेंडर बुक करा रहे हैं।”

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, युद्ध से पहले रोजाना लगभग 55 लाख सिलेंडर बुक होते थे और करीब 50 लाख की डिलीवरी होती थी। लेकिन कल यह आंकड़ा बढ़कर 75 लाख हो गया और आज 88 लाख तक पहुंच गया है। अधिकारियों ने इसे पूरी तरह ‘पैनिक बुकिंग’ करार दिया है।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि बुकिंग पर कुछ नियम लागू हैं ताकि स्टॉक का प्रबंधन सही से हो सके। शहरी क्षेत्रों में एक सिलेंडर मिलने के बाद अगली बुकिंग के लिए कम से कम 25 दिन का अंतर होना अनिवार्य है, वहीं ग्रामीण इलाकों में यह समय सीमा 45 दिन तय की गई है। इस तय समय से पहले सिस्टम बुकिंग नहीं लेगा, इसलिए उपभोक्ताओं को बार-बार प्रयास करने या परेशान होने की जरूरत नहीं है।

Also Read: सरकार ने कहा: दो भारतीय गैस टैंकर ने सुरक्षित ‘होर्मुज स्ट्रीट’ किया पार, जल्द पहुंचेगे गुजरात के बंदरगाह

कालाबाजारी पर प्रहार: यूपी में 20 FIR और देशभर में छापेमारी

सप्लाई के दबाव का फायदा उठाकर कुछ लोग सिलेंडर की जमाखोरी और ब्लैक-मार्केटिंग में जुट गए हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने देशभर में सख्त अभियान छेड़ा है। पेट्रोलियम मंत्रालय के निर्देश पर राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों ने तेल कंपनियों के साथ मिलकर छापेमारी शुरू कर दी है। अकेले उत्तर प्रदेश में प्रशासन ने 1400 से ज्यादा ठिकानों  का निरीक्षण किया है, जिसमें 20 FIR दर्ज की गई हैं और 19 लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू हो चुकी है।

महाराष्ट्र, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, बिहार, ओडिशा और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी संयुक्त टीमें लगातार डिस्ट्रीब्यूटरों और रिटेल आउटलेट्स की जांच कर रही हैं। एक ही दिन में तेल कंपनियों की टीमों ने देशभर में लगभग 1300 जगहों पर सरप्राइज चेकिंग की है। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जो स्टॉक उपलब्ध है, वह सीधे जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक पहुंचे न कि बिचौलियों के गोदामों में।

विकल्पों पर जोर: कमर्शियल गैस के लिए बदला गया सिस्टम

चूंकि भारत अपनी LPG जरूरत का 60% और कच्चे तेल का 88% आयात करता है, इसलिए मौजूदा भू-राजनीतिक हालात (विशेषकर ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच संघर्ष) ने सप्लाई को प्रभावित किया है। इस कमी को पूरा करने के लिए घरेलू उत्पादन में भारी बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने पिछले कुछ दिनों में घरेलू उत्पादन को क्रमशः 10%, 25% और 28% बढ़ाते हुए अब 31% तक पहुंचा दिया है।

कमर्शियल सेक्टर (होटल, रेस्तरां और इंडस्ट्री) में आ रही दिक्कतों को देखते हुए 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण नए सिरे से शुरू किया गया है। गेल (GAIL) को निर्देश दिए गए हैं कि वह कमर्शियल ग्राहकों को जल्द से जल्द पाइप नेचुरल गैस (PNG) के कनेक्शन दे, ताकि वे LPG पर निर्भर न रहें। दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने भी एक महीने के लिए उद्योगों और होटलों को नेचुरल गैस के विकल्प के रूप में बायोमास और RDF पैलेट्स इस्तेमाल करने की अस्थायी छूट दी है।

(PTI के इनपुट के साथ)

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First Published - March 14, 2026 | 8:00 PM IST

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