facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Windfall Tax में राहत, क्रूड, ATF और डीजल टैक्‍स में हुई कटौती

Advertisement
Last Updated- February 16, 2023 | 8:32 AM IST
India's fuel exports drop amid European Union sanctions, West Asia war

सरकार ने घरेलू क्रूड पर विंडफॉल टैक्स घटा दिया है। इसके साथ ही डीजल और ATF(एयर टरबाइन फ्यूल) के एक्सपोर्ट पर अतिरिक्त ड्यूटी भी घटाई गई है। जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ओएनजीसी (ONGC) जैसी पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल (क्रूड) पर विंडफॉल प्रॉफिट टैक्स 5050 रुपये प्रति टन से घटाकर 4350 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यह कटौती 16 फरवरी 2023 से लागू होगी।

सरकार ने डीजल के अतिरिक्‍त एक्सपोर्ट पर टैक्स 7.50 रुपये/ लीटर से घटाकर से 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। डीजल पर लगने वाले शुल्क में 1.50 रुपये प्रति लीटर का रोड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस भी शामिल है। इसके अलावा एयर टरबाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाला टैक्स 6 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.5 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। पेट्रोल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

क्या होता है विंडफॉल टैक्स

विंडफॉल टैक्स ऐसी कंपनियों या इंडस्ट्री पर लगाया जाता है, जिन्हें किसी खास तरह की परिस्थितियों में इमिडिएट रूप से काफी लाभ होता है। भारत की तेल कं‍पनियां इसका अच्‍छा उदाहरण हैं. यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया। इससे तेल कंपनियों को काफी फायदा मिला था। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण तेल कंपनियां भारी मुनाफा काट रही थीं, इसलिए उन पर विंडफॉल टैक्स लगाया गया था। भारत ही नहीं इटली और यूके ने भी अपनी एनर्जी कंपनियों पर यह टैक्स लगाया था।

विंडफॉल टैक्स ऐसी कंपनियों या इंडस्ट्री पर लगाया जाता है, जिन्हें किसी खास तरह या परिस्थितियों में एकदम से काफी लाभ हो रहा हो।

अमूमन सरकारें इस तरह के प्रॉफिट पर टैक्स के सामान्य रेट के ऊपर वन-टाइम टैक्स लगाती है। इसे विंडफॉल टैक्स कहते हैं। यह टैक्स वे कंपनियां या इंडस्ट्री चुकाती है जो खास परिस्थितियों के कारण फायदा कमा रही होती हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण तेल कंपनियां भारी मुनाफा काट रही थीं, इसलिए उन पर विंडफॉल टैक्स लगाया गया था। भारत ही नहीं इटली और यूके ने भी अपनी एनर्जी कंपनियों पर यह टैक्स लगाया था।

Advertisement
First Published - February 16, 2023 | 8:32 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement