सरकार ने कहा है कि एक और भारतीय ध्वज वाला तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) टैंकर होर्मुज स्ट्रेट मार्ग से गुजर चुका है। सरकार के अनुसार फारस की खाड़ी में केवल दो एलपीजी पोत फंसे रह गए हैं। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाले नवीनतम पोत ग्रीन आशा के लगभग 15,405 मिलियन टन (एमटी) एलपीजी लेकर 26 नाविकों के साथ भारतीय तट पर पहुंचने की उम्मीद है।
पिछले दो दिनों में दो भारतीय ध्वज वाले एलपीजी पोत ग्रीन सानवी और ग्रीन आशा होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर चुके हैं जिससे फारस की खाड़ी में केवल दो ऐसे पोत बचे हैं जिनमें से एक खाली है। फारस की खाड़ी में फंसे भारतीय जहाजों में देश में खाना पकाने के ईंधन की भारी कमी के मद्देनजर सरकार एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही को प्राथमिकता दे रही है। अब तक भारतीय ध्वज वाले छह अन्य एलपीजी वाहक इस क्षेत्र को पार कर भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच चुके हैं। कई एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही के बावजूद पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत में खाना पकाने के गैस की कमी बनी हुई है।
फारस की खाड़ी में कुल 16 जहाज फंसे हुए हैं जिनमें एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) वाहक, छह कच्चे तेल के टैंकर और दो एलपीजी जहाज शामिल हैं। बाकी जहाजों में कंटेनर, रसायन और थोक वाहक शामिल हैं।
इस बीच, इंडियन ऑयल (आईओसीएल) सहित कुछ सरकारी तेल कंपनियों ने देश में एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अपने तेल शोधक कारखानों (रिफाइनरियों) के रखरखाव के लिए होने वाले शटडाउन को स्थगित करने का निर्णय लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएनजी) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि रिफाइनरियों ने एलपीजी उत्पादन को 46 हजार टन (टीएमटी) से अधिक तक बढ़ा दिया है। हालांकि, शर्मा ने आगे कहा कि निजी कंपनी नायरा एनर्जी 9 अप्रैल से रखरखाव के लिए शटडाउन शुरू करेगी जिससे घरेलू एलपीजी उत्पादन प्रभावित होने की संभावना है।
सरकार की तरफ से कहा गया कि देश में एलपीजी वितरण की निगरानी के लिए सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने अचानक निरीक्षण बढ़ा दिए हैं और 1,500 से अधिक ‘कारण बताओ’ नोटिस जारी किए हैं जिनमें 118 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया गया है और 41 वितरक निलंबित किए गए हैं।
भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने कथित अनियमितताओं के लिए चार एलपीजी वितरकों को निलंबित कर दिया है और कई अन्य के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की है। इस बीच, पश्चिम एशिया संघर्ष के मद्देनजर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर कड़ी नजर रख रहा है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के अतिरिक्त सचिव अनुपम मिश्रा ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा, ‘कीमतों की दैनिक निगरानी की जा रही है और अभी तक इनमें कोई असामान्य उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है। आपूर्ति पक्ष की बात करें तो दालों का उत्पादन इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में अधिक रहा है।’
मिश्रा ने प्याज, आलू और टमाटर सहित बागवानी फसलों के बारे में कहा कि इनका उत्पादन लगभग पिछले वर्ष के स्तर पर है। उन्होंने कहा,‘आपूर्ति पक्ष में कोई बाधा नहीं है। वास्तव में हमने सुरक्षित भंडार (बफर स्टॉक) के लिए प्याज की खरीद भी शुरू कर दी है जिससे प्याज में होने वाले असामान्य उतार-चढ़ाव से निपटा जा सकेगा।’
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी शिखा ने कहा कि सरकार के पास सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की आवश्यकताओं और किसी भी आपात स्थिति को पूरा करने के लिए गेहूं और चावल का पर्याप्त भंडार है।