facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मौसम की मार से चाय की कीमतों में 20 प्रतिशत का उछाल

Advertisement

कीमतों में तेजी से संकट में फंसे भारतीय चाय उद्योग को सहारा मिल सकता है, जो इस समय उत्पादन लागत बढ़ने और चाय की कीमत में पिछले एक दशक में मामूली वृद्धि के कारण संघर्ष कर रहा।

Last Updated- July 08, 2024 | 10:18 PM IST
Dhunseri tea

भारत में चाय की कीमतें बढ़ रही हैं और माना जा रहा है कि उच्च स्तर पर बनी रहेंगी। प्रमुख उत्पादक इलाकों में फसलों के मौसम में लू और बाढ़ के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है।

कीमतों में तेजी से संकट में फंसे भारतीय चाय उद्योग को सहारा मिल सकता है, जो इस समय उत्पादन लागत बढ़ने और चाय की कीमत में पिछले एक दशक में मामूली वृद्धि के कारण संघर्ष कर रहा है।

टी बोर्ड के पूर्व चेयरमैन और बागान मालिक प्रभात बेजबरुआ ने कहा, ‘मौसम की चरम स्थिति के कारण चाय का उत्पादन प्रभावित हो रहा है। मई में बहुत ज्यादा गर्मी और उसके बाद असम में आई बाढ़ के कारण उत्पादन घटा है।’ बेजबरुआ ने कहा सरकार ने 20 कीटनाशकों पर प्रतिबंध लगा दिया था, इसका भी असर उत्पादन पर पड़ा है।

बहुत गर्मी और उसके बाद भारी बारिश के कारण इस साल मई महीने में भारत का चाय उत्पादन एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक घटकर 9.092 करोड़ किलो रह सकता है, जो इस महीने में एक दशक में सबसे कम उत्पादन होगा।

कलकत्ता टी ट्रेडर्स एसोसिएशन के सेक्रेटरी कल्याण सुंदरम ने कहा कि अप्रैल और उसके बाद लू के कारण चाय की कीमत बढ़नी शुरू हो गई थी। टी बोर्ड द्वारा एकत्र किए गए आंकड़ों के मुताबिक जून के आखिर में चाय की औसत कीमतें बढ़कर 217.53 रुपये किलो पहुंच गईं, जो एक साल पहले से 20 प्रतिशत अधिक है।

Advertisement
First Published - July 8, 2024 | 9:53 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement