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FY24 में भारत में 4.7 करोड़ नौकरियां बढ़ी, नौकरीपेशा लोगों की कुल संख्या बढ़कर 64 करोड़ के पार निकली

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आरबीआई ने कहा कि दस्तावेज ‘भारत केएलईएमएस डेटाबेस संस्करण-2024’ को आर्थिक वृद्धि और इसके प्रमुख क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।

Last Updated- July 09, 2024 | 4:49 PM IST
Future jobs in India

भारत ने वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान लगभग 4.7 करोड़ नौकरियां जोड़ी हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था के 27 क्षेत्रों में कुल नियोजित लोगों की संख्या बढ़कर 64.33 करोड़ हो गई है। मार्च, 2023 के अंत में इन 27 क्षेत्रों में कार्यरत लोगों की संख्या 59.67 करोड़ थी।

RBI ने अपनी वेबसाइट पर ‘उद्योग स्तर पर उत्पादकता मापन – भारत केएलईएमएस आंकड़े’ शीर्षक के तहत ये आंकड़े प्रकाशित किए हैं। यहां केएलईएमएस का आशय पूंजी (के), श्रम (एल), ऊर्जा (ई) सामग्री (एम) और सेवा (एस) से है।

आंकड़ों में संपूर्ण भारतीय अर्थव्यवस्था के 27 उद्योगों को शामिल किया गया है। इस तरह कृषि, व्यापार और वित्तीय सेवाओं सहित 27 क्षेत्रों में कार्यरत लोगों की संख्या 2023-24 में छह प्रतिशत बढ़ी, जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में इसमें 3.2 प्रतिशत वृद्धि हुई थी।

Also read: वित्त वर्ष 2018-24 में जुड़े 16.8 करोड़ नए कर्मचारी

केएलईएमएस आंकड़ों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में कुल रोजगार 2019-20 के 53.44 करोड़ से बढ़कर 64.33 करोड़ हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में ‘कृषि, शिकार, वानिकी और मछली’ क्षेत्र ने 25.3 करोड़ व्यक्तियों को रोजगार दिया था। यह आंकड़ा 2021-22 में 24.82 करोड़ था।

इसके अलावा उल्लेखीय रोजगार देने वाले क्षेत्रों में निर्माण, व्यापार तथा परिवहन और भंडारण शामिल थे।

आरबीआई ने कहा कि दस्तावेज ‘भारत केएलईएमएस डेटाबेस संस्करण-2024’ को आर्थिक वृद्धि और इसके प्रमुख क्षेत्रों में शोध को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।

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First Published - July 9, 2024 | 4:49 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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