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MSME को बैंक ऋण वृद्धि में सालाना आधार पर गिरावट आई: RBI

MSME क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण बैंक छोटी इकाइयों को ऋण देने से बचना चाहते हैं, जिससे उन्हें ऋण देने की वृद्धि दर में गिरावट हुई है।

Last Updated- August 06, 2023 | 4:09 PM IST
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चालू वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बैंक ऋण वृद्धि में सालाना आधार पर गिरावट आई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों में यह बात कही गई।

MSME क्षेत्र से जुड़े लोगों ने कहा कि जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण बैंक छोटी इकाइयों को ऋण देने से बचना चाहते हैं, जिससे उन्हें ऋण देने की वृद्धि दर में गिरावट हुई है।

रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून में मध्यम उद्योगों को दिए जाने वाले ऋण में 13.2 प्रतिशत (पिछले साल 47.8 प्रतिशत) और सूक्ष्म व लघु उद्योगों को दिए गए कर्ज में 13 प्रतिशत (एक साल पहले 29.2 प्रतिशत) की बढ़ोतरी हुई। जून के अंत में मध्यम उद्योगों का सकल बैंक ऋण बकाया 2,63,440 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल जून में 2,32,776 करोड़ रुपये था।

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आंकड़ों के अनुसार, सूक्ष्म व लघु उद्योगों के मामले में जून में बकाया ऋण 6,25,625 करोड़ रुपये रहा, जो 2022 की समान अवधि में 5,53,675 करोड़ रुपये था। मई में मध्यम उद्योगों को दिया गया ऋण 18.9 प्रतिशत (पिछले वर्ष समान अवधि में 42.9 प्रतिशत) और सूक्ष्म व लघु उद्योगों को दिया गया कर्ज 9.5 प्रतिशत (एक वर्ष पहले 32.7 प्रतिशत) बढ़ा।

RBI के अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार, मध्यम उद्योगों की ऋण वृद्धि पिछले साल की समान अवधि के 53.7 प्रतिशत के मुकाबले 19.1 प्रतिशत रही। सूक्ष्म व लघु उद्योगों के मामले में वृद्धि अप्रैल 2023 में 9.7 प्रतिशत रही, जो एक साल पहले समान अवधि में 29.8 प्रतिशत थी।

First Published - August 6, 2023 | 4:09 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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