facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बैंकों की उधारी 15.5 फीसदी बढ़ी

Advertisement
Last Updated- May 19, 2023 | 11:43 PM IST
Banks
BS

इस वित्त वर्ष की शुरुआत के दौरान उधारी में जबरदस्त वृद्धि दर्ज हुई। वित्त वर्ष में 5 मई तक बैंकों की उधारी में सालाना आधार पर 15.5 फीसदी वृद्धि हुई जबकि बीते वर्ष की इस आलोच्य अवधि में 11.8 फीसदी की दर से बढ़ोतरी हुई थी। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान नकदी जमा भी बेहतर रही। नकदी जमा में सालाना आधार पर 10.4 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई जबकि बीते साल (वित्त वर्ष 23) की आलोच्य अवधि में 9.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई थी।

वित्त वर्ष 23 में उधारी 15 फीसदी और नकदी जमा 9.6 फीसदी की दर से बढ़ा। इस वित्त वर्ष (24) में सापेक्ष रूप से बैंकों की उधारी 2.29 लाख करोड़ बढ़कर 139.04 लाख करोड़ रुपये हो गई जबकि वित्त वर्ष 23 की आलोच्य अवधि में यह 1.49 लाख करोड़ रुपये बढ़ी थी।

देयता गतिविधियां बीते साल की तुलना में बेहतर रही और बैंकों ने 5 मई, 2023 तक जमा से 3.91 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे जबकि बीते साल (वित्त वर्ष 23) की इस आलोच्य अवधि में 2.30 लाख करोड़ रुपये जुटाए थे। 5 मई, 2023 तक उधारी की तुलना में जमा की गई राशि 1.62 लाख करोड़ रुपये अधिक रही थी जबकि बीते साल की इस आलोच्य अवधि में यह राशि 0.81 लाख करोड़ रुपये अधिक थी।

इस सप्ताह की शुरुआत में केयर रेटिंग्स ने बैंकिंग कारोबार की अपनी समीक्षा में कहा था कि हाल के महीनों में ब्याज दर बढ़ने के बावजूद बैंकों की उधारी जबरदस्त रही। सभी खंडों में उधारी में वृद्धि हुई जिसमें व्यक्तिगत ऋण और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में मुख्यतौर पर बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा सभी खंडों में पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी होने से औद्योगिक उधारी बढ़ोतरी में वृद्दि होने की उम्मीद है। हालांकि वित्त वर्ष 23 की तुलना में वित्त वर्ष 24 में उधारी वृद्धि में मामूली बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - May 19, 2023 | 11:43 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement