facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

दिवालियापन के मामले तीसरी तिमाही में 25फीसदी बढ़े, रिकवरी रेट घटकर 23.45 फीसदी के निचले स्तर पर

Advertisement
Last Updated- February 21, 2023 | 10:08 AM IST
Q3 Results Today

चालू वित्त वर्ष की दिसंबर, 2022 को समाप्त तिमाही में दिवाला मामलों की संख्या 25 प्रतिशत बढ़ी है। हालांकि, इस प्रक्रिया के जरिये वसूली अपने सबसे निचले स्तर 23.45 प्रतिशत पर आ गई है। एक विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है।

केयर रेटिंग्स के एक विश्लेषण के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में दिवाला आवेदनों की संख्या में 25 प्रतिशत का बड़ा इजाफा हुआ है। हालांकि, तीसरी तिमाही तक कुल वसूली दर सिर्फ 30.4 प्रतिशत रही है। इसका मतलब है कि ऐसे दिवाला मामलों में याचिका दायर करने वालों को 69.6 प्रतिशत का नुकसान उठाना पड़ा है। कुल वसूली दर में लगातार गिरावट आ रही है।

वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही में यह 43 प्रतिशत थी, जो 2021-22 की चौथी तिमाही में यह घटकर 32.9 प्रतिशत रह गई। चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में वसूली दर अपने निचले स्तर 23.45 प्रतिशत पर आ गई। एजेंसी के वरिष्ठ निदेशक संजय अग्रवाल ने कहा कि वसूली दर में इस गिरावट की वजह यह है कि ज्यादातर बड़े मामलों में समाधान पहले ही हो चुके हैं।

Advertisement
First Published - February 21, 2023 | 9:54 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement