केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए माइनिंग सेक्टर में सुधार, खदानों के संचालन (ऑपरेशनलाइजेशन) और खनिज उत्पादन को तेज करने के मकसद से राज्यों और विधानसभाओं वाले केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 5,000 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अलग-अलग घटकों में राज्यों को अधिकतम 550 करोड़ रुपये तक का प्रोत्साहन मिल सकता है।
यह प्रोत्साहन तंत्र वित्त वर्ष 2027 के लिए राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत शामिल किया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष में इसी तरह की पहल की सफलता के बाद लाया गया है। इस योजना के लिए नोडल मंत्रालय, खान मंत्रालय ने हाल ही में इसके संचालन के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इस योजना का उद्देश्य खदानों के संचालन में तेजी लाना, खनिज उत्पादन बढ़ाना, राज्यों की खनन क्षेत्र से होने वाली आय में वृद्धि करना और शासन व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
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पहले सुधार स्तंभ के तहत, यदि राज्य 15 दिसंबर 2026 तक खनन क्षेत्र से जुड़े पांच प्रमुख सुधारों को पूरा कर लेते हैं, तो उन्हें 100 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। इन सुधारों में यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल के साथ एकीकरण, प्री-ऑक्शन कमेटी का गठन, राज्य स्तर की समन्वय समिति बनाना, प्रमुख खनिजों के लिए वार्षिक नीलामी कैलेंडर प्रकाशित करना, और खनिज अयस्क की ग्रेडिंग में गलत वर्गीकरण को रोकने या पहचानने के लिए तकनीक आधारित सिस्टम अपनाना शामिल है।
दूसरा घटक खदानों के संचालन (माइन ऑपरेशनलाइजेशन) पर फोक्स्ड है। इसके तहत, जिन प्रमुख खनिज ब्लॉक्स की नीलामी पहले से शामिल मंजूरियों– जैसे वन, पर्यावरण और भूमि स्वीकृतियों– के साथ की जाएगी, उन पर राज्यों को प्रति ब्लॉक 20 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन मिलेगा। यह प्रावधान वित्त वर्ष 2027 में 31 दिसंबर तक लागू रहेगा और प्रति राज्य अधिकतम 200 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है।
इसके अलावा, यदि राज्य 31 मार्च 2026 तक नीलाम किए गए प्रमुख खनिज ब्लॉक्स में से कम से कम 10% को 31 दिसंबर 2026 तक उत्पादन और डिस्पैच शुरू करके चालू कर देते हैं, तो उन्हें 250 करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त प्रोत्साहन मिल सकता है।
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तीसरा घटक स्टेट माइनिंग रेडीनेस इंडेक्स (SMRI) 2026-27 के तहत प्रदर्शन को प्रोत्साहित करता है। इसमें तीनों कैटेगरी में टॉप तीन राज्यों को क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान के लिए 100 करोड़ रुपये, 75 करोड़ रुपये और 50 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा।
खान मंत्रालय ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य राज्यों को संरचनात्मक सुधार करने और खनन क्षेत्र में कारोबार करने में आसानी को बेहतर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।