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जुलाई में वस्तु निर्यात व आयात गिरा, पर सर्विस सेक्टर बढ़ा

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प्रमुख निर्यात में गैर पेट्रोलियम और गैर रत्नों व आभूषणों का निर्यात आता है और यह जुलाई में 5.7 फीसदी गिरकर 25.35 अरब डॉलर पर आ गया

Last Updated- August 14, 2023 | 10:39 PM IST
India exports up 18% at $45.2 bn in May; trade deficit widens to $28.21 bn

भारत का वस्तु निर्यात जुलाई में 15.9 प्रतिशत गिरकर 32.25 अरब डॉलर पर आ गया। जुलाई में वस्तुओं के निर्यात का मूल्य गिरकर नौ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया।

विकसित अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई अधिक बढ़ने और मांग लगातार सुस्त रहने का असर भारत के वस्तु निर्यात पर पड़ा है। इससे बीते तीन वर्षों में कुल निर्यात में सर्वाधिक गिरावट दर्ज हुई। जुलाई में हुई तेज गिरावट को कुछ हद तक उच्च आधार के लिए भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।

वाणिज्य मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़े के मुताबिक जुलाई में आयात 17 फीसदी गिरकर 52.92 अरब डॉलर हो गया जबकि पिछले महीने के मुकाबले 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई। देश में आयात किए गए सामान के मूल्य में भी गिरावट आई। यह जिंसों के दाम गिरने के साथ साथ सरकार के आयात के विकल्प ढूंढ़ने की नीतियां उजागर करती है। व्यापार घाटा जुलाई में 20.67 अरब डॉलर रहा। यह बीते साल की जुलाई में 25.45 अरब डॉलर था जबकि जून के 18.76 अरब डॉलर की तुलना में अधिक रहा।

हालांकि सकारात्मक पक्ष यह रहा कि जुलाई में सेवा क्षेत्र का निर्यात 12 फीसदी बढ़कर 27.17 अरब डॉलर हो गया। हालांकि सेवा क्षेत्र का आयात तुलनात्मक रूप से कम 5.6 फीसदी की दर से बढ़कर 14.85 अरब डॉलर रहा। इसका परिणाम यह हुआ कि सेवा क्षेत्र का अधिशेष 12.32 अरब डॉलर रहा।

हालांकि वाणिज्य मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि सेवा क्षेत्र के जुलाई के आंकड़े ‘अनंतिम’ हैं। इन आंकड़ों को भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार आने वाले समय में संशोधित किए जाएंगे। आरबीआई ने सेवा क्षेत्र का नवीनतम आंकड़ा जून, 2023 का जारी किया है।

वाणिज्य सचिव सुनील बड़थ्वाल ने संवाददाताओं से कहा था कि ज्यादातर देशों के निर्यात वृद्धि में बहुत ज्यादा गिरावट दर्ज हुई है और इन देशों की तुलना में भारत के निर्यात में ‘ज्यादा गिरावट’ नहीं आई है। उन्होंने विश्वास जताया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद निर्यात में बीते साल की तरह वृद्धि होगी। बीते साल के अंत में निर्यात में जबरदस्त वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि देश में प्रोत्साहन से जुड़ी योजनाओं के कारण आयात में भी गिरावट आ सकती है।

प्रमुख निर्यात में गैर पेट्रोलियम और गैर रत्नों व आभूषणों का निर्यात आता है और यह जुलाई में 5.7 फीसदी गिरकर 25.35 अरब डॉलर पर आ गया। गैर पेट्रोलियम, गैर रत्नों व आभूषणों का आयात 7.5 फीसदी गिरकर 35.65 अरब डॉलर पर आ गया।

इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति ने कहा कि जुलाई 2023 के अनुमानों में वस्तु निर्यात में गिरावट की आशंका जताई गई थी और यह आंकड़े अनुमानों के अनुरूप ही हैं। जिंसों के दामों में सालाना आधार पर गिरावट असर निर्यात, आयात और व्यापार घाटे पर भी पड़ा है।

नायर ने कहा, ‘सकारात्मक यह रहा कि गैर तेल आयात स्थिर रहा। हालांकि बीते महीने की तुलना में जुलाई 2023 में तेल का कम आयात होने से कुल निर्यात भी प्रभावित हुआ। उपलब्ध रुझानों के अनुसार हमारा अनुमान है कि व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2024 के पहली तिमाही के 11 -13 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में 15 -17 अरब डॉलर हो सकता है। ’ उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ महीनों में मासिक व्यापार घाटा 20 अरब डॉलर से अधिक के स्तर पर रह सकता है।

भारत के वस्तु निर्यात के 30 में से 19 क्षेत्रों में जुलाई के दौरान गिरावट आई। जुलाई में प्रमुख गिरावट वाले क्षेत्र पेट्रोलियम उत्पाद (-43.66 प्रतिशत), रत्न व आभूषण (-29.72 प्रतिशत), इंजीनियरिंग वस्तुएं (-6.62 प्रतिशत), आर्गेनिक व इनआर्गेनिक रसायन (-3.01 प्रतिशत) और रेडीमेड वस्त्र (-17.37 प्रतिशत) रहे। हालांकि निर्यात में प्रमुख वृद्धि वाले क्षेत्रों में इलेक्ट्रानिक सामान (13.09 प्रतिशत) और सूती धागे (6.62 प्रतिशत) हैं।

वाणिज्य मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार ‘इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल निर्माण आदि में निवेश बढ़ाने की नीतियों के परिणाम स्वरूप इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के निर्यात में वृद्धि उजागर हुई।’

देश में 30 में से 16 वस्तुओं के आयात में गिरावट आई। इनमें कोयला (-47.2 प्रतिशत), कच्चा पेट्रोलियम (-36.65 प्रतिशत) और कीमती पत्थर (-38.37 प्रतिशत) है। दूसरी तरफ सोने के आयात में साल भर गिरावट रहने के बाद उछाल आया। सोने का आयात 47.7 फीसदी बढ़कर 3.5 अरब डॉलर हो गया।

मुंबई के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के बयान के मुताबिक भारत के वस्तु निर्यात बीते चार महीनों से दो अंकों से निरंतर नीचे रहा है। इसका कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती होना और प्रमुख विकासशील देशों जैसे चीन के निर्यात में गिरावट के अनुरूप है।

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First Published - August 14, 2023 | 10:39 PM IST

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