facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारत-अमेरिका व्यापार पर नीति आयोग की सलाह: शुल्क में रियायत और रणनीतिक सुरक्षा जरूरी

Advertisement

आयोग के एक वर्किंग पेपर में कहा है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क के बाद भारत को दोहरी रणनीति अपनाने की जरूरत है।

Last Updated- June 03, 2025 | 10:54 PM IST
NITI Aayog
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

नीति आयोग ने सुझाव दिया है कि अमेरिका से गैर संवेदनशील कृषि वस्तुओं के आयात पर उच्च शुल्क को चुनिंदा रूप से कम करना चाहिए, साथ ही रणनीतिक रूप से उन क्षेत्रों में रियायतें देनी चाहिए जहां घरेलू आपूर्ति में कमी है। आयोग के एक वर्किंग पेपर में कहा है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क के बाद भारत को दोहरी रणनीति अपनाने की जरूरत है।

आयोग ने ‘नई अमेरिकी व्यापार व्यवस्था के तहत भारत-अमेरिका कृषि व्यापार को बढ़ावा’ शीर्षक से जारी रिपोर्ट में कहा है कि भारत के कृषि क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अत्यधिक अस्थिरता की स्थिति से निपटने को लेकर उत्पादकों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए मूल्य स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।

इसमें कहा गया, ‘अब दोहरी नीति अपनाना आवश्यक है। अल्पावधि में भारत को गैर-संवेदनशील आयात पर चुनिंदा रूप से उच्च शुल्क कम करने और पॉल्ट्री जैसे कमजोर माने जाने वाले क्षेत्रों पर गैर-शुल्क रक्षोपाय कदमों पर बातचीत करने पर विचार करना चाहिए।’  रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी, 2025 में डॉनल्ड ट्रंप के फिर से अमेरिका के राष्ट्रपति चुने जाने के बाद अमेरिकी निर्यात पर‘जवाबी शुल्क’ की अचानक घोषणा और बाजार में पहुंच बढ़ाने से दुनियाभर में खासकर अमेरिका के व्यापारिक साझेदारों को झटका लगा। इसमें कहा गया, ‘जहां घरेलू आपूर्ति में अंतर है, वहां भारत रणनीतिक रूप से रियायतें दे सकता है। इनमें खाद्य तेल और बादाम, अखरोट आदि शामिल हैं।’  भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक है और अमेरिका के पास सोयाबीन का बहुत बड़ा निर्यात अधिशेष है, जो कि जीन संवर्धित है।

Advertisement
First Published - June 3, 2025 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement