facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

जहाजों पर समुद्री डाकुओं का खतरा, भारत के DGS ने दी सावधानी बरतने की सलाह

Advertisement

कई देशों के स्वामित्व वाले जहाजों पर लाल सागर और आईओआर में हमले हुए हैं और हमले की वजह और उसके इरादों के बारे में स्थिति साफ नहीं है।’

Last Updated- December 22, 2023 | 10:55 PM IST
Cargo

भारत के शिपिंग नियामक डायरेक्टर जनरल आफ शिपिंग (डीजीएस) ने जहाजों का संचालन करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है, क्योंकि हाल के वर्षों में समुद्रों में डकैती की घटनाएं सामान्य से ज्यादा हो गई हैं। इसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में मालवाहक जहाजों का परिचालन जोखिम भरा हो गया है।

अरब सागर में पिछले सप्ताह माल्टा के मर्चेंट शिप एमवी रुएन का अज्ञात हमलावरों ने अपहरण कर लिया। इससे इस बात की आशंका बढ़ गई है कि भू राजनीतिक अस्थिरता के बीच सोमालियाई समुद्री लुटेरों की अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में वापसी हुई है।

ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डीजीएस ने परामर्श जारी कर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, ‘ऐसा समझा जा रहा है कि कुछ समय से निष्क्रिय समुद्री लुटेरों के कई समूह फिर से सक्रिय हो गए हैं। हम समुद्री यात्रा करने वाले हितधारकों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।’

प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्ग मलक्का जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) पर भी इस तरह की कई घटनाएं देखी गई हैं। डीजीएस के मुताबिक मलक्का और सिंगापुर स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता की एक समान वजह है।

इंटरनैशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन की वैश्विक एकीकृत शिपिंग सूचना प्रणाली (जीआईएसआईएस) के मुताबिक समुद्री लूट की घटनाएं 2019 के 45 से बढ़कर 2023 में 83 तक पहुंच गई हैं, जो ऐसी घटनाओं में तेज वृद्धि का संकेत दे रहा है।

भारतीय नौसेना ने अपने एक साप्ताहिक अपडेट में कहा कि अदन की खाड़ी और लाल सागर में ड्रोन और मिसाइलों का उपयोग करके हमलों से संबंधित संघर्ष की घटनाओं में वृद्धि बढ़ती चिंता का विषय है और यह हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में गंभीर जोखिम पैदा कर रही है।

शिपिंग नियामक ने कहा है, ‘इससे न सिर्फ जहाजों पर चलने वाले लोगों की जिंदगी को जोखिम बढ़ा है, बल्कि समुद्र मार्ग से कारोबार, मालवाहक जहाजों और कुल मिलाकर समुद्र मार्ग से व्यापार को भी उल्लेखनीय खतरा है। कई देशों के स्वामित्व वाले जहाजों पर लाल सागर और आईओआर में हमले हुए हैं और हमले की वजह और उसके इरादों के बारे में स्थिति साफ नहीं है।’

एक अधिकारी ने कहा, ‘हाल में दो केंद्र सामने आए हैं। इजरायल और हमास के बीच टकराव के कारण सामान्यतया सुरक्षित क्षेत्र माने जाने वाले लाल सागर में सक्रिय एक समूह प्रोजेक्टाइल दाग रहा है। इसके अलावा सोमाली समुद्री डाकुओं से जुड़ी दो घटनाएं हुईं और एक जहाज का अपहरण कर लिया गया।’

Advertisement
First Published - December 22, 2023 | 10:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement