facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक एफडीआई घटकर 1.5 अरब डॉलर, सकल आवक में वृद्धि

Advertisement

सिंगापुर, मॉरीशस और अमेरिका से सबसे ज्यादा निवेश, विनिर्माण क्षेत्र में प्रमुख वृद्धि

Last Updated- April 22, 2025 | 11:04 PM IST
Market dynamics changed, foreign capital attracted towards America बाजार की चाल बदली, विदेशी पूंजी अमेरिका की ओर आकर्षित

अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के बीच शुद्ध प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) तेजी से घटकर 1.5 अरब डॉलर रह गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में 11.5 अरब डॉलर था। उच्च प्रत्यावर्तन और भारत से विदेश में धन लगाए जाने के कारण ऐसा हुआ है। बहरहाल सकल एफडीआई आवक में वृद्धि बनी हुई है। अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के दौरान भारत में कुल एफडीआई आवक सालाना आधार पर 15.2 प्रतिशत बढ़कर 75.1 अरब डॉलर हो गई है, जो पिछले साल की समान अवधि में 65.2 अरब डॉलर थी।

रिजर्व बैंक के बुलेटिन के मुताबिक सिंगापुर से सबसे ज्यादा धन आया है, जिसकी कुल एफडीआई आवक में हिस्सेदारी 29.8 प्रतिशत है। उसके बाद मॉरीशस और अमेरिका का स्थान है। सबसे ज्यादा विदेशी धन विनिर्माण क्षेत्र (24.1 प्रतिशत) आया है। उसके बाद वित्तीय सेवाओं और बिजली का स्थान है। भारत में सीधे निवेश करने वालों का प्रत्यावर्तन/विनिवेश भी बढ़ा है और यह वित्त वर्ष 2024-25 के 11 महीनों के दौरान बढ़कर 48.9 अरब डॉलर हो गया है, जो अप्रैल 2023 से फरवरी 2024 के बीच 40.7 अरब डॉलर था।

भारतीय फर्मों द्वारा विदेश में निवेश तेजी से बढ़कर अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के दौरान 24.8 अरब डॉलर हो गया है, जो एक साल पहले 13 अरब डॉलर था। वैश्विक रूप से देखें तो एफडीआई की आवक में अमेरिका सबसे पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है।

Advertisement
First Published - April 22, 2025 | 11:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement