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Feb Manufacturing PMI: फरवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ ने पकड़ी रफ्तार…पांच माह के हायर लेवल पर पहुंची

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फरवरी महीने में प्रोडक्शन पांच महीनों में सबसे तेज गति से बढ़ा और पिछले सितंबर के बाद से बिक्री में सबसे तेज वृद्धि हुई।

Last Updated- March 01, 2024 | 1:49 PM IST
Feb manufacturing PMI

Feb Manufacturing PMI: फैक्टरी प्रोडक्शन और सेल्स में तेज बढ़ोतरी के बीच फरवरी 2024 के दौरान भारत के मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) की ग्रोथ पांच महीने के हायर लेवल पर पहुंच गयी। इसमें डोमेस्टिक और बाहरी मांगों की अहम भूमिका रही।

शुक्रवार को जारी मासिक सर्वे से देश के मेन्युफेक्चरिंग परिदृश्य बेहतर होने की तस्वीर सामने आई। यह सितंबर, 2023 के बाद मेन्युफेक्चरिंग सेक्टर की सबसे अच्छी स्थिति की ओर इशारा करता है।

PMI फरवरी में बढ़कर 56.9

मौसमी रूप से समायोजित ‘एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक’ (PMI) फरवरी में बढ़कर 56.9 हो गया जबकि जनवरी में यह 56.5 था।

पीएमआई के तहत 50 से ऊपर इंडेक्स होने का मतलब प्रोडक्शन गतिविधियों में विस्तार है जबकि 50 से नीचे का आंकड़ा गिरावट को दर्शाता है। इस सर्वे के मुताबिक, फरवरी महीने में प्रोडक्शन पांच महीनों में सबसे तेज गति से बढ़ा और पिछले सितंबर के बाद से बिक्री में सबसे तेज वृद्धि हुई और एक्सपोर्ट ऑर्डर में भी 21 महीनों का सबसे मजबूत विस्तार हुआ।

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एचएसबीसी की अर्थशास्त्री इनेस लैम ने कहा, “पीएमआई आंकड़ों से संकेत मिलता है कि घरेलू और बाहरी दोनों मांग से समर्थित उत्पादन वृद्धि मजबूत बनी हुई है।” ग्रोथ की रफ्तार तेज होने के बावजूद भारत में विनिर्माण क्षेत्र के रोजगार में थोड़ा बदलाव आया है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, “वस्तुओं के उत्पादकों ने बताया कि काम पर रखे गए कर्मचारियों (Employees) की संख्या वर्तमान जरूरतों के लिए पर्याप्त थी।”

मुद्रास्फीति के मोर्चे पर क्रय लागत इन्फ्लेशन 43 महीने के निचले स्तर पर आ गई, जिसकी वजह से बिक्री शुल्क कुछ हद तक बढ़ गया। कच्चे माल की लागत में साढ़े तीन साल में सबसे धीमी वृद्धि देखी गई। इससे विनिर्माण कंपनियों के मार्जिन में सुधार हुआ।

एक्सपोर्ट ऑर्डर लगभग दो वर्षों में सबसे तेजी से बढ़े

मजबूत घरेलू मांग के अलावा ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, ब्राजील, कनाडा, चीन, यूरोप, इंडोनेशिया, अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात से मांग वृद्धि होने से नए एक्सपोर्ट ऑर्डर (Export Order) लगभग दो वर्षों में सबसे तेजी से बढ़े।

सर्वे के मुताबिक, विनिर्माण कंपनियों ने अधिक उत्पादन जरूरतों, बिक्री में निरंतर वृद्धि और स्टॉक बनाने के लिए खरीद बढ़ाई। मांग बढ़ने के बीच विनिर्माताओं ने आगे भी तेजी का अनुमान जताया है।

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लैम ने कहा, “मजबूत मांग और लाभ मार्जिन में सुधार से उत्साहित विनिर्माताओं का भविष्य की व्यावसायिक स्थितियों के बारे में आशावादी दृष्टिकोण है।”

एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण पीएमआई को एसएंडपी ग्लोबल ने लगभग 400 कंपनियों के एक समूह में क्रय प्रबंधकों को भेजे गए सवालों के जवाबों के आधार पर तैयार किया है।

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First Published - March 1, 2024 | 1:49 PM IST

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