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फिक्की का तिमाही विनिर्माण सूचकांक उच्चतम स्तर पर, 91% फर्मों ने उत्पादन वृद्धि या स्थिरता की उम्मीद जताई

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यह उद्योग मंडल के विनिर्माण तिमाही सर्वेक्षण का 86वां संस्करण था। यह आठ प्रमुख क्षेत्रों में निर्माताओं के प्रदर्शन और रुझानों का आकलन करता है

Last Updated- January 20, 2026 | 11:06 PM IST
India manufacturing wages

उद्योग निकाय भारतीय उद्योग व वाणिज्य महासंघ (फिक्की) का तिमाही विनिर्माण सूचकांक वित्त वर्ष 25-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में अपने सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इसमें 91 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने अधिक उत्पाद या समान उत्पादन स्तर की जानकारी दी थी जबकि वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में 87 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने यह सूचना दी थी।

यह उद्योग मंडल के विनिर्माण तिमाही सर्वेक्षण का 86वां संस्करण था। यह आठ प्रमुख क्षेत्रों में निर्माताओं के प्रदर्शन और रुझानों का आकलन करता है। इन क्षेत्रों में वाहन के कलपुर्जे, कैपिटल गुड्स, रसायन, उर्वरक एवं औषधि, इलेक्ट्रॉनिक्स ऐंड इलेक्ट्रिकल्स, मशीन टूल्स, धातु एवं धातु उत्पाद, वस्त्र, परिधान व तकनीकी वस्त्र और विविध उत्पाद शामिल हैं।

सर्वेक्षण में कहा गया है, ‘फिक्की का नवीनतम विनिर्माण सर्वेक्षण भारत के विनिर्माण क्षेत्र के लिए निरंतर विकास और बढ़ती आशावाद को दर्शाता है। यह आशावाद घरेलू मांग में भी स्पष्ट है। कारण यह है कि 86 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने पिछली तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में अधिक या समान ऑर्डर की उम्मीद जताई। यह नवीनतम जीएसटी दर में कटौती की घोषणा के बाद और भी बढ़ सकती है।’

सर्वेक्षण के अनुसार विनिर्माण फर्मों में मौजूदा औसत क्षमता उपयोग करीब 75 प्रतिशत है। उत्तरदाताओं ने शुल्कों, व्यापार प्रतिबंधों व आर्थिक अनिश्चितता जैसे वैश्विक व भू-राजनीतिक कारकों के साथ-साथ श्रम उपलब्धता, कच्चे माल की कमी और नियामक चुनौतियों जैसे परिचालन मुद्दों को क्षमता विस्तार में आने वाली कुछ चुनौतियों के रूप में उल्लेख किया।

करीब 83 प्रतिशत उत्तरदाताओं को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में इन्वेंट्री के उच्च या समान स्तर की उम्मीद है और यह दूसरी तिमाही से कम है। दरअसल, दूसरी तिमाही में 90 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इन्वेंट्री के उच्च या समान स्तर की सूचना दी थी।

सर्वेक्षण में बड़ी कंपनियों और लघु और मध्यम उद्यमों दोनों से प्रतिक्रियाएं ली गई हैं। इनका संयुक्त वार्षिक कारोबार 3 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। निर्यात के मामले में लगभग 70 प्रतिशत उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि उनका निर्यात पिछले वर्ष की समान तिमाहियों की तुलना में अधिक या समान होगा।

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First Published - January 20, 2026 | 10:59 PM IST

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