Finance Bill 2026: लोकसभा ने बुधवार को वित्त विधेयक 2026 को 32 सरकारी संशोधनों के साथ पास कर दिया। इसके साथ ही संसद के निचले सदन ने बजट से जुड़ी अपनी प्रक्रिया पूरी कर ली है।
अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा। उच्च सदन की मंजूरी मिलने के बाद वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पूरी तरह से पारित माना जाएगा।
सरकार ने बजट 2026-27 में कुल खर्च 53.47 लाख करोड़ रुपये रखने का प्रस्ताव किया है, जो चालू वित्त वर्ष के मुकाबले 7.7 प्रतिशत ज्यादा है। अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च 12.2 लाख करोड़ रुपये तय किया गया है।
इसके अलावा सरकार ने कुल कर संग्रह 44.04 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया है, जबकि कुल उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 4.3 प्रतिशत रहेगा, जो मौजूदा वित्त वर्ष के 4.4 प्रतिशत से थोड़ा कम है।
Finance Bill 2026 के पास होने के बाद फिनटेक सेक्टर से जुड़े विशेषज्ञ ने इसे अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक कदम बताया है। Shams Tabrej, Co-founder और CEO, Ezeepay का कहना है कि इस विधेयक में किए गए 32 संशोधन वित्तीय और टैक्स सिस्टम को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाएंगे।
उन्होंने कहा कि F&O ट्रेड्स पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स में बढ़ोतरी, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के नए नियम और शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का सीधा असर निवेशकों के फैसलों पर पड़ेगा।
शम्स तबरेज के मुताबिक, सरकार ने मिनिमम अल्टरनेट टैक्स को कम करने और कॉरपोरेट नियमों को आसान बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं, जिससे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही FY27 के लिए 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सरकार की वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की मंशा को दिखाता है।
उन्होंने कहा कि इन सुधारों से डिजिटल पेमेंट और फिनटेक सेक्टर को फायदा होगा। इससे ज्यादा लोग औपचारिक वित्तीय सिस्टम से जुड़ेंगे और पारदर्शी लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा।
Ezeepay का मानना है कि बेहतर नियमों से निवेशकों के लिए भरोसेमंद माहौल बनेगा और डिजिटल वित्तीय सेवाएं Tier 2, Tier 3 शहरों और ग्रामीण इलाकों तक पहुंचेंगी, जिससे लोगों को सुरक्षित और आसान सेवाएं मिलेंगी।
– पीटीआई इनपुट के साथ