facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Financial Goals: लघु बचत योजनाओं के संग्रह का हासिल होगा लक्ष्य

Advertisement

लघु बचत योजनाओं का लक्ष्य हासिल करने को लेकर वित्त मंत्रालय आश्वस्त, फरवरी तक 64% संग्रह

Last Updated- February 26, 2024 | 11:27 PM IST
BNPL (Buy Now Pay Later)

वित्त मंत्रालय वित्त वर्ष 2023-24 के लिए लघु बचत योजनाओं के संग्रह का लक्ष्य हासिल करने को लेकर आश्वस्त है। यह जानकारी सरकारी सूत्रों ने दी। सरकार ने फरवरी के अंत तक लघु बचत योजनाओं से 2.77 लाख करोड़ रुपये संग्रहित कर लिया था जबकि लक्ष्य 4.37 लाख करोड़ रुपये था। सरकार वित्त वर्ष 24 के संशोधित अनुमानों का 64 प्रतिशत हासिल कर चुकी है।

वरिष्ठ नागरिकों की बचत योजना से फरवरी के अंत तक 90,000 करोड़ रुपये एकत्रित किया गया था जबकि बीते वर्ष की इस अवधि में 37,362 करोड़ रुपये संग्रहित किए गए थे। इस वर्ष में अभी तक महिला सम्मान बचत प्रमाणपत्र योजना से 19,000 करोड़ रुपये एकत्रित किए गए हैं।

फरवरी, 2024 की शुरुआत तक मासिक बचत योजना से संग्रह बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये हो गया है। लघु बचत योजनाओं में 12 बचत योजनाएं हैं। इनमें राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, सार्वजनिक भविष्य निधि, किसान विकास पत्र आदि योजनाएं हैं।

सरकारी सूत्रों के अनुसार उधारी पूरी होने के कारण सरकार के पास नकदी शेष बहुत अधिक नहीं है। सरकार के पास अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए मामूली नकदी शेष है। सरकार अपने राजकोषीय घाटे को बॉन्ड मार्केट, लघु बचतों आदि से प्राप्त आय के जरिये पूरा करती है। सरकार शेष नकदी से भी राशि प्राप्त करती है।

सरकार ने वित्त वर्ष 24 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 5.8 प्रतिशत राजकोषीय घाटे का लक्ष्य निर्धारित किया था जबकि यह वित्त वर्ष 25 के लिए 5.1 प्रतिशत था। सूत्रों के मुताबिक सरकार का फरवरी तक वित्त वर्ष 24 का कुल सकल व्यय 80 प्रतिशत था। पूंजीगत व्यय का बजटीय आवंटन वित्त वर्ष 21 में 4.1 लाख करोड़ रुपये था।

Advertisement
First Published - February 26, 2024 | 11:27 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement