facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

पहले के वर्षों में बदलाव के कारण कम दिख रही जीडीपी वृद्धिः सीईए

Advertisement
Last Updated- March 01, 2023 | 11:44 PM IST
V Anantha Nageswaran

अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि के आंकड़े बाजार के अनुमान से कम आने के एक दिन बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने कहा कि पहले के वर्षों में बदलाव के कारण वृद्धि के आंकड़े कमजोर आए हैं और इसका विश्लेषण इसी के अनुरूप किए जाने की जरूरत है।

नागेश्वरन ने कहा कि मंगलवार शाम को राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की ओर से जारी आंकड़ों को लेकर बहुत ज्यादा नासमझी है क्योंकि यह पहले के तीन साल के आंकड़ों में बदलाव के बाद आया है।

नागेश्वरन ने कहा, ‘हमें स्थिर मूल्य पर निजी अंतिम खपत व्यय (पीएफसीई) देखने की जरूरत है। पहले के वर्षों के आंकड़ों में बदलाव के कारण 6 प्रतिशत की वृद्धि दर वित्त वर्ष 23 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में घटकर 2 प्रतिशत पर आ गई है।’

Advertisement
First Published - March 1, 2023 | 11:44 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement