facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सरकार ने खाद्य पदार्थों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए: गोयल

Advertisement

उन्होंने कहा कि सरकार देश की आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करते हुए मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखेगी

Last Updated- December 25, 2023 | 10:10 AM IST
चीनी निवेश पर सरकार के रुख में बदलाव नहीं, इकनॉमिक सर्वे एक स्वतंत्र रिपोर्ट: पीयूष गोयल, No rethinking on support for Chinese for investments in India: Piyush Goyal
File Photo: Piyush Goyal

खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि केंद्र ने खाद्य पदार्थों की खुदरा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए पिछले कुछ साल में कई सक्रिय कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार देश की आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित करते हुए मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखेगी। वह यहां राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस पर मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

गोयल ने कहा, “आज भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। आगे हम मुद्रास्फीति को नियंत्रण में रखेंगे और आर्थिक वृद्धि भी सुनिश्चित करेंगे।”

नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण नवंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर तीन महीने के उच्चतम स्तर 5.55 प्रतिशत पर पहुंच गई।

उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में 4.87 फीसदी थी। गोयल ने बताया कि जरूरी वस्तुओं की थोक और खुदरा कीमतों पर कड़ी नजर रखने के लिए 140 नए मूल्य निगरानी केंद्र स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा, “आज दैनिक आधार पर 550 (उपभोक्ता) केंद्रों पर कीमतों की निगरानी की जा रही है। इससे उपभोक्ताओं को मूल्य वृद्धि से बचाने में मदद मिलती है।”

उन्होंने कहा कि पिछले दो साल में जब पूरी दुनिया में खाद्य पदार्थों में बहुत अधिक मुद्रास्फीति देखी गई, तब भारत सक्रिय राजकोषीय और मौद्रिक नीतियों के माध्यम से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में सक्षम था।

Advertisement
First Published - December 25, 2023 | 10:10 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement