facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

सरकार खराब क्वालिटी वाले प्रोडक्ट्स के इम्पोर्ट पर लगाएगी पाबंदी

Advertisement

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर आदेश ‘काफी बड़े पैमाने पर’ जारी किये जा रहे हैं।

Last Updated- August 11, 2023 | 3:57 PM IST
India exports up 18% at $45.2 bn in May; trade deficit widens to $28.21 bn

सरकार इस साल उपभोक्ता वस्तुओं, रबड़, कागज और हल्के इंजीनियरिंग उत्पादों के लिए 60 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लाएगी। इस पहल का मकसद खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों के आयात पर लगाम लगाना और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना है।

उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) में सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि गुणवत्ता नियंत्रण को लेकर आदेश ‘काफी बड़े पैमाने पर’ जारी किये जा रहे हैं। अब तक एसी, रेफ्रिजरेटर, पाइप और सुरक्षा वाल्व जैसे 127 से अधिक उत्पादों के लिए 33 गुणवत्ता नियंत्रण आदेश जारी किये गए हैं।

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘फिलहाल, हम भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के सहयोग से 60 नये गुणवत्ता नियंत्रण आदेश पर काम कर रहे हैं। यह न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिये बल्कि गुणवत्ता मानकों में सुधार के लिये भी महत्वपूर्ण हैं।’’

यह भी पढ़ें : GST, IGST Amendment Bill 2023: लोकसभा में पास हुआ बिल, ऑनलाइन गेमिंग पर लगेगा 28 फीसदी टैक्स!

डीपीआईआईटी में संयुक्त सचिव संजीव ने कहा कि ये आदेश स्मार्ट मीटर, नट, बोल्ट आदि जैसे सामान के लिये जारी किये गये हैं। कानून का उल्लंघन करने पर पहले अपराध के लिये दो साल तक की कैद या कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है। दूसरे और उसके बाद के अपराध के लिये जुर्माना बढ़कर न्यूनतम पांच लाख रुपये है।

विभाग ने ये आदेश विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के व्यापार में तकनीकी बाधाओं पर समझौते के अनुरूप जारी किये हैं। सरकार की पहल डिजिटल कारोबार के लिये खुला नेटवर्क (ओएनडीसी) के बारे में सचिव ने कहा कि इस पर लेन-देन एक लाख प्रतिदिन को पार कर गया है। अब किसान उत्पादक संगठनों को इससे जोड़ने के लिए काम कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : भारत ‘वृद्धि का प्रतीक’ बनकर उभरा, सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा: ITC चेयरमैन

Advertisement
First Published - August 11, 2023 | 3:57 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement