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GST परिषद की बैठक शुरू: गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से बाहर और टैक्स चोरी रोकने पर होगा विचार

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Last Updated- December 17, 2022 | 2:46 PM IST
pan masala

माल एवं सेवा कर (GST) की नीति-निर्धारक इकाई GST परिषद की अहम बैठक शनिवार को शुरू हो गई। इस बैठक में GST कानून के तहत गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने पर विचार होने की संभावना है।

बैठक के एजेंडे में अपीलीय न्यायाधिकरणों की स्थापना और पान मसाला एवं गुटखा व्यवसायों में कर चोरी को रोकने की व्यवस्था बनाना भी शामिल है।

इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग और कसीनो पर GST को लेकर विचार-विमर्श भी किया जा सकता है। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह (GOM) ने इस मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को सौंप दी थी।

वित्त मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि GST परिषद की 48वीं बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ऑनलाइन ढंग से करेंगी। इस बैठक में वित्त राज्य मंत्रियों के अलावा राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और केंद्र सरकार तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।

इस बैठक में कर अधिकारियों की एक रिपोर्ट पर भी विचार किया जाएगा और कुछ वस्तुओं एवं सेवाओं पर लागू GST दर को स्पष्ट करने की कोशिश की जाएगी।

GST कानून के तहत की जाने वाली गड़बड़ियों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के संबंध में जीएसटी परिषद की कानून समिति ने मुकदमा शुरू करने के लिए मौद्रिक सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है।

कानून समिति ने यह सुझाव भी दिया है कि GST के तहत गड़बड़ियों के लिए करदाताओं द्वारा देय शुल्क को घटाकर कर राशि के 25 प्रतिशत तक किया जाए। इस समय यह 150 प्रतिशत तक है।

इसी तरह आपराधिक मामलों के तहत मुकदमा चलाने के लिए वर्तमान पांच करोड़ रुपये की सीमा को बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का सुझाव दिया गया है।

सूत्रों ने कहा कि पान मसाला और गुटखा कंपनियों द्वारा की जाने वाली कर चोरी पर तैयार जीओएम की रिपोर्ट पर इस बैठक में चर्चा होने की संभावना है।

माल और सेवा कर अपीलीय न्यायाधिकरण के गठन के संबंध में जीओएम ने सुझाव दिया है कि इसमें दो न्यायिक सदस्य, केंद्र तथा राज्यों के एक-एक तकनीकी सदस्य के साथ ही अध्यक्ष के रूप में उच्चतम न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश होने चाहिए।

ऑनलाइन गेमिंग, कसीनो और घुड़दौड़ पर कर लगाने के संबंध में GOM ने नवंबर में अपनी पिछली बैठक में 28 प्रतिशत की दर से GST लगाने पर सहमति जताई थी। हालांकि, आम सहमति के अभाव में इस पर फैसले को टाल दिया गया था।

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First Published - December 17, 2022 | 2:46 PM IST

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