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GST दरों में कटौती लागू करने पर मंथन, इंटर-मिनिस्ट्रियल मीटिंग में ITC और इनवर्टेड ड्यूटी पर चर्चा

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जीएसटी दरों में कटौती लागू होने के बाद एफएमसीजी, खाद्य पदार्थ और फार्मा उत्पादों सहित कई उत्पादों पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा जबकि कुछ इनपुट पर 18 फीसदी की दर से कर लगेगा

Last Updated- September 08, 2025 | 10:51 PM IST
GST

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती को 22 सितंबर से लागू करने से पहले कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन की अध्यक्षता में आज हुई अंतर-मंत्रालयी बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने व्यापक चर्चा की। इसमें नई व्यवस्था को अपनाने से जुड़े मुददों को हल करने के संभावित समाधानों के रूप में राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) का भुगतान करने के लिए अप्रयुक्त इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की अनुमति देने, सीमा शुल्क की भरपाई करने आदि का प्रस्ताव किया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कई क्षेत्रों ने क्षतिपूर्ति उपकर, संचित इनपुट टैक्स क्रेडिट और व्युत्क्रम शुल्क ढांचे से जुड़े मुद्दे उठाए हैं।

जीएसटी दरों में कटौती लागू होने के बाद एफएमसीजी, खाद्य पदार्थ और फार्मा उत्पादों सहित कई उत्पादों पर 5 फीसदी जीएसटी लगेगा जबकि कुछ इनपुट पर 18 फीसदी की दर से कर लगेगा, जिसमें प्रयुक्त सेवाएं भी शामिल हैं। इससे व्युत्क्रम शुल्क ढांचा निर्मित होगा, जिससे आईटीसी का एक बड़ा हिस्सा बिना उपयोग के रह जाएगा। इससे कंपनियों की कार्यशील पूंजी प्रभावित होगी तथा छोटे विनिर्माताओं को भी समस्या आ सकती है।

एक वरिष्ठ सरकारी अ​धिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा, ‘ कई मंत्रालयों ने व्युत्क्रम शुल्क ढांचे को प्रमुख मुद्दे के तौर पर उठाया।’

बैठक में राजस्व, कपड़ा, कृषि, भारी उद्योग, उपभोक्ता मामले, वाणिज्य, रसायन एवं उर्वरक, तथा इस्पात आदि विभागों के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों ने ​शिरकत की। बैठक में हुई चर्चा पर जानकारी के लिए वित्त मंत्रालय को भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं आया।

हालांकि सरकार ने व्युत्क्रम शुल्क ढांचे के मामले में इनपुट पर 90 फीसदी रिफंड की अनुमति दी है लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि पूंजीगत वस्तुओं और इनपुट सेवाओं पर चुकाए गए जीएसटी के मामले में रिफंड स्वीकार्य नहीं है। एक कर विशेषज्ञ ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ‘सरकार के लिए इस मुद्दे का समाधान करना इसलिए भी जरूरी है ताकि कर कटौती का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाया जा सके।’

एक अन्य कर विशेषज्ञ ने कहा कि मंत्रालयों द्वारा दिए गए सुझावों को राजस्व हानि की चिंताओं के कारण राज्यों की ओर से प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा कानूनी अड़चनें भी हैं क्योंकि कानून केंद्रीय जीएसटी को राज्य जीएसटी के साथ और राज्य जीएसटी को केंद्रीय जीएसटी के साथ समायोजित करने की अनुमति नहीं देता है।

उन्होंने कहा, ‘अप्रयुक्त आईटीसी में सीजीएसटी और एसजीएसटी दोनों होते हैं। मौजूदा जीएसटी परिपत्र दरों में कटौती के कारण उत्पन्न अप्रयुक्त आईटीसी के रिफंड की अनुमति नहीं देता है। इसके अलावा संभावित राजस्व प्रभावों के कारण एसजीएसटी के लिए आईटीसी के उपयोग की अनुमति देना शायद राज्यों को भी पसंद नहीं आएगा।’

विशेषज्ञ ने कहा, ‘सीमा शुल्क की भरपाई जीएसटी क्रेडिट से नहीं की जा सकती क्योंकि इसे एक अलग कानून के तहत लगाया जाता है।’

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First Published - September 8, 2025 | 10:37 PM IST

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