भारत और न्यूजीलैंड 27 अप्रैल को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस समझौते पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले की उपस्थिति में भारत मंडपम में हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह समझौता भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजारों में शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान करेगा और अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर का निवेश लाएगा।
दोनों देशों ने पिछले साल 22 दिसंबर को व्यापार समझौते के लिए बातचीत पूरी होने की घोषणा की थी। इसका लक्ष्य अगले पांच साल में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर पांच अरब डॉलर तक पहुंचाना है। इस समझौते से भारत को अपने 100 प्रतिशत निर्यात पर शून्य शुल्क बाजार पहुंच मिलेगी, वहीं न्यूजीलैंड से भारत को निर्यात होने वाले 95 प्रतिशत सामान पर शुल्क समाप्त या कम हो जाएगा। इसमें ऊन, कोयला, लकड़ी, शराब से लेकर एवोकाडो और ब्लूबेरी शामिल हैं।
हालांकि, किसानों और घरेलू उद्योग को संरक्षण देने के लिए भारत ने दूध, क्रीम, मट्ठा, दही और पनीर जैसे डेरी उत्पादों, प्याज, चीनी, मसाले, खाद्य तेल और रबड़ के आयात पर कोई शुल्क रियायत नहीं दी है। इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड को भेड़ का मांस, ऊन, कोयला और वानिकी एवं लकड़ी से बने 95 प्रतिशत से अधिक उत्पादों पर शुल्क-मुक्त पहुंच प्राप्त होगी। सेवा क्षेत्र के संबंध में, न्यूजीलैंड भारतीय पेशेवरों के लिए प्रतिवर्ष 5,000 वीजा के कोटे के साथ तीन वर्ष तक के प्रवास की अवधि वाला अस्थायी रोजगार प्रवेश वीजा प्रदान करेगा।
दोनों देशों के बीच व्यापार 2024-25 में 1.3 अरब डॉलर रहा था। वस्तु और सेवाओं का कुल व्यापार 2024 में लगभग 2.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया। इसमें अकेले सेवाओं का व्यापार 1.24 अरब डॉलर तक है, जिसमें यात्रा, आईटी और व्यावसायिक सेवाओं का महत्त्वपूर्ण योगदान है
निर्यातकों और उद्योग संघों के साथ बैठक करेंगे गोयल वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल देश के निर्यात को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए 27 अप्रैल को यहां निर्यात संवर्धन परिषदों (ईपीसी) और उद्योग संघों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। यह बैठक यहां ‘भारत मंडपम’ में भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद आयोजित की जाएगी।
न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले पहले ही एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां मौजूद हैं। अधिकारी ने बताया कि मंत्री रविवार को आगरा में भारत और न्यूजीलैंड के व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं।
सोमवार की बैठक में शामिल होने वाले क्षेत्रीय प्रतिनिधियों में चमड़ा, दवा, वाहन, खेल के सामान और इंजीनियरिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सोमवार को होने वाली यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय निर्यातक ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल संघर्ष के कारण पैदा हुए पश्चिम एशिया संकट से जूझ रहे हैं। शिपिंग कंपनियां पश्चिम एशिया के देशों में माल ले जाने से कतरा रही हैं, जो भारतीय व्यवसायों के लिए एक प्रमुख निर्यात गंतव्य है।