facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

IIFCL ने हवाई अड्डों के विकास के लिए 6,630 करोड़ रुपये का ऋण दिया: MD

Advertisement
Last Updated- January 15, 2023 | 5:04 PM IST
IIFCL has given a loan of Rs 6,630 crore for the development of airports: MD

इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनी लिमिटेड (IIFCL) ने देश के छह प्रमुख हवाई अड्डों के विकास के लिए 6,630 करोड़ रुपये का ऋण दिया है। कंपनी के MD पी आर जयशंकर ने कहा कि विमानन क्षेत्र में जोरदार तेजी का समर्थन करने के लिए यह कर्ज दिया गया है और आने वाले वर्षों में इसमें बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि IIFCL ने आंध्र प्रदेश में नए हवाई अड्डे के विकास के लिए 638 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक मंजूरी भी दी है। पिछले कुछ साल के दौरान भारत में हवाई अड्डा क्षेत्र में भारी वृद्धि हुई है और सरकारी तथा निजी दोनों क्षेत्रों से निवेश बढ़ा है।

जयशंकर ने बताया, ‘भारत में विश्वस्तर के हवाई अड्डे बनाने के लिए IIFCL ने अबतक दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, नवी मुंबई, नोएडा (जेवर) और गोवा में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे विकसित करने के लिए 6,630 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।’ उन्होंने कहा कि IIFCL की देश के लगभग सभी प्रमुख हवाई अड्डों में मौजूदगी है।

उन्होंने कहा, ‘ये हवाईअड्डे राष्ट्रीय महत्व के हैं और देशभर में संपर्क को बेहतर बना रहे हैं। हम जनता के लिए संपर्क में सुधार करने और बड़े पैमाने पर अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचाने के लिए लॉजिस्टिक की लागत को कम करने के सरकार के मिशन में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

यह भी पढ़ें: दिसंबर महीने में भारत ने रूस से प्रतिदिन 10 लाख बैरल कच्चे तेल का किया आयात

उन्होंने कहा कि भारत में हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे की क्षमता को बढ़ाना अनिवार्य हो गया है। विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2022-23 से 2026-27 के दौरान भारत में हवाई अड्डे के विकास के लिए 85,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होना है।

Advertisement
First Published - January 15, 2023 | 5:04 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement