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फिस्कल मोर्चे पर IMF ने की भारत की सराहना, ग्लोबल ग्रोथ में 17 फीसदी रहेगा देश का योगदान

वास्तव में इस वित्त वर्ष 2024-25 हम निजी उपभोग और सार्वजनिक निवेश के नेतृत्व में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगा रहे हैं।

Last Updated- April 19, 2024 | 1:10 PM IST
IMF

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चुनावी वर्ष में राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने के लिए भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है।

आईएमएफ में एशिया व प्रशांत विभाग के निदेशक कृष्णा श्रीनिवासन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘ इस समय भारत की अर्थव्यवस्था अच्छा प्रदर्शन कर रही है। 6.8 प्रतिशत की वृद्धि बहुत अच्छी है। महंगाई कम हो रही है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि मुद्रास्फीति को तय लक्ष्य तक लाया जाए…. ’’ उन्होंने कहा, ‘‘राजकोषीय अनुशासन बनाए रखना खासकर चुनावी वर्ष में, मेरे लिए काफी महत्वपूर्ण बात है क्योंकि देश चुनावी वर्ष में राजकोषीय साहसिक कार्य शुरू करते हैं।’’

श्रीनिवासन ने कहा, ‘‘ इस सरकार ने अनुशासन बनाए रखा है। मुझे लगता है यह बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि आखिरकार ठोस ‘मैक्रो फंडामेंटल’ ही वह आधार है जिसके आधार पर देश समृद्ध होते हैं और टिकाऊ वृद्धि करते हैं।

इसलिए इसे बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।’’ उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कई वर्षों में कई झटकों को झेला और उससे सफलतापूर्वक पार पाया है। यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘ वास्तव में इस वित्त वर्ष 2024-25 हम निजी उपभोग और सार्वजनिक निवेश के नेतृत्व में 6.8 प्रतिशत की वृद्धि दर का अनुमान लगा रहे हैं। मुद्रास्फीति धीरे-धीरे कम हो रही है। यह अब पांच प्रतिशत से नीचे है।’’

श्रीनिवासन ने कहा कि भारत, वैश्विक वृद्धि में योगदान देने वाले प्रमुख देशों में से एक है। उन्होंने कहा, ‘‘ इस साल हमें 6.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि की उम्मीद है। यह निजी खपत और बहुत सारे सार्वजनिक निवेश द्वारा मुमकिन होगा… भारत वैश्विक वृद्धि में करीब 17 प्रतिशत का योगदान देगा। इसी कारण हमारा यह मानना है कि यह एक बेहतरीन स्थान है।’’

First Published - April 19, 2024 | 1:10 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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