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निर्यात बढ़ाना, आयात घटाना है देशभक्ति का नया रास्ता: गडकरी

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उन्होंने कहा कि वह दिन भारत के लिए नई आजादी की तरह होगा, जब देश पेट्रोल या डीजल की एक बूंद भी आयात नहीं करेगा

Last Updated- December 25, 2023 | 10:07 AM IST
EV costs can be maintained even without subsidy, but not opposed to incentives: Gadkari EV सब्सिडी के बिना भी लागत को बनाए रख सकते हैं, लेकिन प्रोत्साहन का विरोध नहीं: गडकरी
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को कहा कि निर्यात बढ़ाना और आयात कम करना देशभक्ति और स्वदेशी को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने का नया रास्ता है।

उन्होंने कहा कि वह दिन भारत के लिए नई आजादी की तरह होगा, जब देश पेट्रोल या डीजल की एक बूंद भी आयात नहीं करेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने साप्ताहिक पत्रिका ‘पांचजन्य’ के कार्यक्रम ‘सागर मंथन 2.0’ में कहा कि पेट्रोल और डीजल के आयात को रोकना दुनिया में आतंकवाद को रोकने से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने कहा, ”जब तक यह आयात बंद नहीं होगा, दुनिया भर में आतंकवाद नहीं रुकेगा। मेरे जीवन का मकसद पेट्रोल और डीजल के आयात को रोकना है। मैं उस दिन को भारत के लिए एक नई आजादी मानता हूं, जब देश में पेट्रोल और डीजल की एक बूंद भी आयात नहीं की जाएगी।”

गडकरी ने कहा, ”पेट्रोल और डीजल का आयात बिल इस समय 16 लाख करोड़ रुपये है। अगर हम इस आयात को कम करते हैं, तो हम जो पैसा बचाएंगे, वह गरीबों के पास जाएगा। यही कारण है कि हमने जैव ईंधन जैसे वैकल्पिक ईंधन पेश किए हैं। आयात में कमी और निर्यात में वृद्धि देशभक्ति और स्वदेशी को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता है।”

गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने (2014 में) कार्यभार संभाला था, तब भारत में वाहन उद्योग का आकार सात लाख करोड़ रुपये था। अब यह बढ़कर 12.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है और इस क्षेत्र में 4.5 करोड़ लोगों को रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा वाहन उद्योग सरकारों को सर्वाधिक जीएसटी राजस्व भी देता है।

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First Published - December 25, 2023 | 10:07 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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