facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

तंबाकू उत्पादों पर कर बढ़ाने से 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मिलेगी मदद: विशेषज्ञ

Advertisement
Last Updated- December 31, 2022 | 7:24 PM IST
35% new GST slab recommended for tobacco, tobacco products, cold drinks, Varun Beverages-ITC shares fall
Creative Commons license

सभी तंबाकू उत्पादों पर लगने वाले कर में पर्याप्त बढ़ोतरी करने से लोगों के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के साथ ही वर्ष 2025 तक देश की अर्थव्यवस्था को 5,000 अरब डॉलर तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। विशेषज्ञों ने यह राय जाहिर की।

लखनऊ विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र विभाग के प्रमुख प्रोफेसर अरविंद मोहन ने कहा कि भारत में तंबाकू की खपत के कारण स्वास्थ्य देखभाल का बोझ सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 1.04 फीसदी है। इसकी वजह से कई लोगो का जीवन गरीबी के चंगुल में फंसता जा रहा है। ऐसे में इन जानलेवा वस्तुओं पर कर में पर्याप्त बढ़ोतरी से अर्थव्यवस्था को लाभ ही मिलेगा।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ ही विश्व बैंक (World Bank) जैसे कई अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों के विचार के अनुरूप उन्होंने एक वेब गोष्ठी में कहा कि तंबाकू कराधान एक बेहतर उपाय है, जो किसी अन्य उपाय की तुलना में तंबाकू की खपत को तेजी से कम करता है।

उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादों पर कर लगाकर स्वास्थ्य खर्च में कमी आएगी और साथ ही GDP को कई गुना बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को भी साकार किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें: Forex Reserves: लगातार दूसरे सप्ताह फिसला विदेशी मुद्रा भंडार

इस कार्यक्रम में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के फेलो डॉ प्रीतम दत्ता और अर्थशास्त्री रिजो एम जॉन ने भी तंबाकू पर कर बढ़ाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि तंबाकू जैसे नुकसानदेह उत्पादों पर कर लगाकर सरकार को अपना राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी।

Advertisement
First Published - December 31, 2022 | 7:24 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement