भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने शुक्रवार को अबू धाबी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संक्षिप्त पड़ाव के दौरान ऊर्जा और रक्षा संबंधों को गहरा करने के लिए 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। यूएई ने यह भी घोषणा की कि उसकी संस्थाएं भारत में 5 अरब डॉलर का निवेश करेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी की अबू धाबी यात्रा संयोग से उस दिन हुई जब यूएई ने शुक्रवार को होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के नियंत्रण को दरकिनार करने के उद्देश्य से 2027 तक फुजैरा बंदरगाह तक एक अतिरिक्त पाइपलाइन बनाकर कच्चे तेल के निर्यात की अपनी क्षमता को दोगुना करने की घोषणा की। अतिरिक्त पाइपलाइन भारतीय जहाजों और भारतीय कंपनियों के अनुबंध वाले जहाजों के अलावा अन्य जहाजों को फुजैरा तेल टर्मिनल से अधिक तेल और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) के लदान की अनुमति देगी।
फिलहाल मौजूदा 406 किलोमीटर लंबी तेल पाइपलाइन अबू धाबी के तेल क्षेत्रों को हबशान टर्मिनल से जोड़ती है और होर्मुज स्ट्रेट को दरकिनार करते हुए आगे फुजैरा तक जाती है। मगर इसकी तेल आपूर्ति क्षमता महज 15 से 18 लाख बैरल प्रति दिन है। यूएई की कच्चा तेल उत्पादन क्षमता फिलहाल 48.5 लाख बैरल प्रति दिन है। मगर वास्तविक उत्पादन करीब 34 लाख बैरल प्रति दिन है और वह पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) और ओपेक+ से बाहर निकलने के बाद उत्पादन बढ़ाने का इरादा रखता है। भारत रोजाना लगभग 55 लाख बैरल तेल की खपत करता है।
दोनों देशों के बीच सामरिक रक्षा साझेदारी के लिए प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान एक रूपरेखा पर भी हस्ताक्षर किए गए। उसमें रक्षा औद्योगिक सहयोग और नवाचार एवं उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण, अभ्यास और समुद्री सुरक्षा में सहयोग को गहरा करने पर सहमति जताई गई है।
यूएई की संस्थाओं द्वारा 5 अरब डॉलर के निवेश में एमिरेट्स न्यू डेवलपमेंट बैंक (ईएनडीबी) द्वारा भारत के आरबीएल बैंक में 3 अरब डॉलर का निवेश, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) द्वारा नैशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐंड इन्वेस्टमेंट फंड ऑफ इंडिया (एनआईआईएफ) के साथ भारत में प्राथमिकता वाले बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में 1 अरब डॉलर का निवेश और इंटरनैशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा भारत की सम्मान कैपिटल में 1 अरब डॉलर का निवेश शामिल हैं।
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। मोदी यूएई की यात्रा संपन्न करने के बाद नीदरलैंड के लिए रवाना हुए जो उनके चार देशों के यूरोपीय दौरे का पहला चरण है।
प्रधानमंत्री ने यूएई पर हमलों की कड़ी निंदा की और यूएई के नेतृत्व एवं लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत होर्मुज स्ट्रेट के जरिये सुरक्षित परिवहन एवं नौवहन सुनिश्चित करने के पक्ष में है। भारत का मानना है कि यह स्थायी क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के साथ-साथ ऊर्जा एवं खाद्य सुरक्षा के लिए भी महत्त्वपूर्ण है।
यूएई ने ओमान के तट पर एक भारतीय ध्वज वाले जहाज पर हमले की निंदा की और इसे आतंकी हमला करार दिया जो अहम जलमार्गों की स्थिरता के लिए खतरा है। सोमालिया से आ रहे वाणिज्यिक जहाज पर बुधवार को हमला हुआ था। ओमान के अधिकारियों ने चालक दल के सभी 14 सदस्यों को बचाया। हमले के लिए जिम्मेदार लोगों का उल्लेख न तो भारत और न ही यूएई ने किया है। भारत ने गुरुवार को जहाज पर हुए हमले को अस्वीकार्य बताया था।
भारत और यूएई के बीच हस्ताक्षरित छह समझौतों में इंडियन स्ट्रैटजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (आईएसपीआरएल) और अबू धाबी नैशनल ऑयल कंपनी (एडीएनओसी) के बीच रणनीतिक सहयोग के लिए एक समझौता शामिल है। इसके तहत एडीएनओसी भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम भंडारों में 3 करोड़ बैरल तक कच्चा तेल भंडारित कर सकता है। इसमें आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में संयंत्र में भागीदारी और ओडिशा के चांदीखोल में भंडार संयंत्र का विकास शामिल है।
एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यूएई के फुजैरा में कच्चे तेल के संभावित भंडारण को भारतीय रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व का हिस्सा बनाने की योजना है। दोनों देशों ने भारत में तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और तरलीकृत पेट्रोलियम गैस भंडारण सुविधाओं में संभावित सहयोग के लिए भी एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।
एक अन्य समझौता एलपीजी की आपूर्ति पर इंडियन ऑयल और एडीएनओसी के बीच रणनीतिक सहयोग से संबंधित है। इसमें एलपीजी की बिक्री और खरीद में संभावित अवसरों की खोज, एलपीजी की दीर्घावधि आपूर्ति और एडीएनओसी गैस लिमिटेड व इंडियन ऑयल के बीच एक दीर्घकालिक एलपीजी बिक्री एवं खरीद समझौता शामिल हैं।
शिपिंग क्षेत्र में भी समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए जिनमें कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्रायडॉक्स वर्ल्ड के बीच गुजरात के वाडिनार में एक जहाज मरम्मत क्लस्टर की स्थापना शामिल है। भारत के एआई मिशन के तहत एक कंप्यूटर क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी समझौता हुआ है।
यूएई के एफ-16 लड़ाकू विमानों के एक दस्ते ने शुक्रवार को खाड़ी देश के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही प्रधानमंत्री के विमान को एस्कॉर्ट किया। प्रधानमंत्री ने यूएई के राष्ट्रपति के साथ अपनी मुलाकात के दौरान कहा कि भारत पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए हर संभव सहयोग करने को तैयार है।