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सरकार का बड़ा कदम, ऊर्जा संकट के बीच राज्यों को मिला केरोसिन; LPG और फ्यूल सप्लाई को लेकर नई तैयारी तेज

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ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया है और पेट्रोल, डीजल व LPG की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

Last Updated- March 30, 2026 | 7:41 AM IST
Kerosene Oil
Representative image

देश में ऊर्जा आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने रविवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सुपरियर केरोसिन ऑयल (SKO) का तदर्थ आवंटन मंजूर किया है। यह केरोसिन घरों में खाना बनाने और रोशनी के लिए दिया जाएगा। यह फैसला पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के कारण आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लिया गया है।

सरकार ने यह भी बताया कि PDS के तहत पहले से केरोसिन मुक्त माने जाने वाले 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि ऊर्जा की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद रहने की स्थिति को देखते हुए देश में पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सरकारी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है। देश में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त स्टॉक बताया गया है। घरेलू एलपीजी उत्पादन को भी बढ़ाया गया है ताकि मांग पूरी की जा सके।

28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी के वितरण के लिए सरकार के दिशानिर्देशों के अनुसार आदेश जारी किए हैं। बाकी क्षेत्रों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं। 14 मार्च 2026 के बाद से अब तक करीब 39,368 मीट्रिक टन एलपीजी कमर्शियल उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा चुका है।

इसके अलावा, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन दिया गया है। राज्यों से कहा गया है कि वे जिलों में वितरण के लिए उपयुक्त स्थान चिन्हित करें।

17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने SKO आवंटन के आदेश जारी किए हैं। वहीं हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने बताया है कि उन्हें केरोसिन की आवश्यकता नहीं है।

सरकार ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण लोगों ने पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाई और जरूरत से ज्यादा खरीदारी की। हालांकि, देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और किसी तरह की कमी नहीं है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे रोजाना प्रेस ब्रीफिंग और सोशल मीडिया के जरिए सही जानकारी साझा करें ताकि गलत जानकारी को रोका जा सके। वर्तमान में 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस तरह की नियमित जानकारी दे रहे हैं।

PM मोदी की अपील, अफवाहों से दूर रहें, ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता नहीं

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से अफवाहों और गलत जानकारी से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।

अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण हैं और देश को एकजुट होकर इन परिस्थितियों का सामना करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे कई देशों में चिंता बढ़ी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि भारत पहले भी कठिन परिस्थितियों से सफलतापूर्वक निकला है और इस बार भी 140 करोड़ देशवासी मिलकर इस स्थिति का सामना करेंगे।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर हाल में उठी चिंताओं पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में पर्याप्त भंडार मौजूद है और फिलहाल किसी तरह की कमी नहीं है। सप्लाई चेन से जुड़ी खबरों के कारण लोगों में कुछ समय के लिए असमंजस की स्थिति बनी थी।

प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर राजनीति से बचने की भी सलाह दी और कहा कि यह देश के हित से जुड़ा विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाह फैलाने से देश को नुकसान पहुंचता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए और सही जानकारी पर ही भरोसा करना चाहिए।

उन्होंने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों का भी उल्लेख किया, जहां बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक काम कर रहे हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में तनाव की शुरुआत हालिया हमलों के बाद हुई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई और समुद्री मार्गों पर असर के चलते वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई देशों में ऊर्जा से जुड़ी चुनौतियां बढ़ गई हैं।

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First Published - March 30, 2026 | 7:41 AM IST

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