facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

India China trade: भारत का अगस्त में चीन को निर्यात 22.4 प्रतिशत गिरा

Advertisement

India China trade: भारत के लिए निर्यात का चीन पांचवां सबसे बड़ा बाजार है।

Last Updated- September 19, 2024 | 9:41 PM IST
China India

भारत से विभिन्न देशों की तुलना में चीन को निर्यात तेजी से घटा है। चीन में व्यापक आर्थिक सुस्ती के कारण भारत से होने वाला निर्यात प्रभावित हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार भारत से चीन को निर्यात अगस्त में 22.4 फीसदी गिरकर एक अरब डॉलर हो गया जबकि इस अवधि में देश का कुल निर्यात 9 फीसदी गिरकर 34.7 अरब डॉलर रह गया। भारत के लिए निर्यात का चीन पांचवां सबसे बड़ा बाजार है।

दूसरी तरफ, आयात के मामले में चीन पर निर्भरता कायम रही। भारत का सबसे बड़ा आयात साझेदार चीन ही रहा। आंकड़ों के अनुसार चीन से आयात सालाना आधार पर 15.5 फीसदी बढ़कर 10.8 अरब डॉलर हो गया। हालांकि अगस्त का विस्तृत आंकड़ा तत्काल उपलब्ध नहीं था लेकिन बीते महीनों के रुझानों से जानकारी मिलती है कि चीन को निर्यात के मामले में लौह अयस्क, समुद्री उत्पादों, तांबा, खाद्य उत्पादों आदि का ही दबदबा था।

वाणिज्य सचिव सुनील बड़थ्वाल ने मंगलवार को बताया कि मांग कम आने के अलावा भूराजनीतिक व लॉजिस्टिक्स संबंधित चुनौतियों के अलावा चीन में भारी आर्थिक सुस्ती का भी वस्तु निर्यात पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। इससे पेट्रोलियम के दाम भी काफी कम हुए हैं। जहां तक चीन से आयात का संबंध है तो वहां से सबसे ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक कल पुर्जे, औद्योगिक मशीनरी, आईटी हार्डवेयर, ऑर्गेनिक रसायन और अन्य सामान मंगाए जाते हैं।

अगस्त में निर्यात के शीर्ष के 10 गंतव्यों में से छह में गिरावट आई। इनमें अमेरिका (6.29 फीसदी), संयुक्त अरब अमीरात (2.39 फीसदी), चीन (22.44 फीसदी), सिंगापुर (-39.25 फीसदी), बांग्लादेश (27.85 फीसदी) और ऑस्ट्रेलिया (-24.05 फीसदी) शामिल हैं।

अगस्त में भारत से हुए कुल निर्यात में इन शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी 68 फीसदी थी। भारत के निर्यात का सबसे बड़ा बाजार अमेरिका बना रहा। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम (यूके) थे। भारत के शीर्ष 10 आयात साझेदार चीन, रूस, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, इराक, सऊदी अरब, इंडानेशिया, स्विट्जरलैंड, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर हैं। अगस्त में इन देशों के अलावा शेष देशों से आयात बढ़ा है।

इन शीर्ष देशों से भारत मुख्य तौर पर कच्चे तेल के आयात के लिए निर्भर है। इसलिए आयात में कमी मुख्य तौर पर पेट्रोलियम के दामों में गिरावट के कारण आई थी। अगस्त में भारत का कुल आयात सालाना आधार पर 3 फीसदी बढ़कर 64.3 अरब डॉलर हो गया। इस महीने में सोने का आयात दोगुना होने के कारण अधिक आयात हुआ। इसका परिणाम यह हुआ कि स्विट्जरलैंड से आयात 80 फीसदी बढ़कर 3.9 अरब डॉलर हो गया, जहां से प्रमुख तौर पर सोने का आयात होता है।

Advertisement
First Published - September 19, 2024 | 9:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement