भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को साफ कहा कि आने वाले महीनों में देश को कच्चे तेल की कोई कमी नहीं होगी और सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि ईरान से आने वाले तेल के पेमेंट में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी गई जानकारी में कहा गया कि भारतीय रिफाइनरियों ने पहले से ही पर्याप्त कच्चा तेल जुटा लिया है और ईरान से आने वाले तेल की पेमेंट प्रक्रिया भी बिना किसी रुकावट के सामान्य तरीके से चल रही है।
The news reports and social media posts of an Iranian crude cargo being diverted from Vadinar, India to China due to “payment issues” are factually incorrect. 🇮🇳India imports crude oil from 40+ countries, with companies having full flexibility to source oil from different sources…
— Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) April 4, 2026
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर फैली अफवाहों को खारिज कर दिया। मंत्रालय का कहना है कि कच्चे तेल और LPG की सप्लाई पूरी तरह से सुनिश्चित है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ईरानी तेल की सप्लाई रुकने या पेमेंट अटकने की बात कही जा रही थी, लेकिन सरकार ने इन्हें गलत बताया।
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मंत्रालय ने वडिनार से चीन की तरफ डायवर्ट हुए एक ईरानी कार्गो की खबर को भी सिरे से खारिज किया। सरकार ने स्पष्ट कहा है कि ऐसा कोई पेमेंट इश्यू नहीं है। भारत दुनिया के 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल आयात करता है। मंत्रालय ने कहा कि रिफाइनरियां अपनी जरूरत और सुविधा के हिसाब से भी सप्लाई चुन सकती हैं।
मंत्रालय के अधिकारियों ने यह भी बताया कि ‘बिल ऑफ लेडिंग’ में आमतौर पर सिर्फ संभावित बंदरगाह का नाम लिखा होता है और जहाज बीच रास्ते में अपना रूट बदल सकते हैं। यह अंतरराष्ट्रीय तेल कारोबार का सामान्य तरीका है, इसे किसी समस्या का संकेत नहीं माना जाना चाहिए। वहीं LPG को लेकर फैल रही अफवाहें भी गलत साबित हुई हैं। ईरान से 44 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहा जहाज ‘सी बर्ड’ 2 अप्रैल को मंगलौर पहुंच चुका है और फिलहाल वहीं गैस उतारने (डिस्चार्ज) का काम चल रहा है।
बता दें कि भारत ने 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों की वजह से ईरान से कच्चा तेल मंगाना बंद कर दिया था। लेकिन हाल ही में कुछ तेल टैंकरों के रास्ता बदलने की खबरों पर सरकार ने साफ किया है कि यह एक सामान्य कारोबारी फैसला है, इसमें किसी तरह की पेमेंट या नियमों से जुड़ी कोई दिक्कत नहीं है।